प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बीते साढ़े चार वर्षों में प्रधानमंत्री के नाते मुझे जो उपहार मिले हैं, उनकी नीलामी करके भी जो राशि मिली है, वो भी मां गंगा की सेवा में लगाई जा रही है। हर व्यक्ति के जीवन में अनेक ऐसे पल आते हैं, जो अविस्मरणीय होते हैं। आज ऐसा ही एक पल मेरे जीवन में आया है, जिन स्वच्छाग्रहियों के पैर मैंने धोये हैं, वो पल जीवनभर मेरे साथ रहेगा। मैं यहां के नाविकों का भी नमन करता हूं। नाविकों के बिना तो खुद भगवान राम का भी काम नहीं चला था। आप खुद को गंगापुत्र मानते हैं। आप खुद को राम का सेवक मानते हैं और मैं खूद को आपका प्रधानसेवक मानता हूं। मैं आपके ही समान हूं। इस बार का कुंभ एक तरह से डिजिटल कुंभ के रूप में जाना जाएगा

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