वाराणसी: आये दिन चर्चा में रहे बीएचयू में फिर से एक ताज़ा मामला सामने आया है। बीएचयू के तीन डॉक्टरों पर भष्ट्राचार का आरोप लगाया गया है। हृदय रोग चिकित्सक धर्मेन्द्र जैन पर बैलून माइट्रल वॉल्वो प्लास्टि तकनीक से हृदय रोग का इलाज करते थे। जबकि बीएचयू प्रशासन की तरफ इस बात की अनुमति नहीं दी गयी थी। लंका थाने 2013 में पहले भी इस मामले पर केस दर्ज किया गया था। एक बार फिर से भष्ट्राचार निवारण न्यायालय ने जांच के आदेश दे दिए हैं। इस मामले की जांच भेलूपुर के सीओ को सौंप दिया गया है।
आपको बता दें कि बीएचयू हृदय रोग चिकित्सक धर्मेन्द्र जैन पर भ्र्ष्टाचार का आरोप लगया गया है। जिसके अंतर्गत धर्मेन्द्र जैन बैलून माइट्रल वॉल्वो प्लास्टि तकनीक से करते थे हृदय रोग का इलाज करते थे। इस बात की अनुमति बीएचयू प्रशासन ने भी उनको नहीं दी थी , मगर वो गैर रूप से इलाज के नाम पर मनमाना फीस वसूलते थे। पहले भी इस बात को लेकर के 2013 में लंका थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। वहीं विवेचना अधिकारी ने क्लीन चिट देते हुए सत्र न्यायालय में रिपोर्ट पेश की थी। न्यायालय ने तथ्यों का संकलन ठीक से नहीं होने की बात कही थी।
बहरहाल न्यायालय ने लंका थाने को फिर से जांच करने का और साक्ष्य प्रस्तुत करने का आदेश दे दिया है। बीएचयू हृदय रोग विभाग के वर्तमान विभागाध्यक्ष,डॉ धेर्मेन्द्र जैन, SS हॉस्पिटल के पूर्व चिकित्सा अधीक्षक डॉ यू एस द्विवेदी तथा IMS के भूतपूर्व डीन पर आरोप लगा है। वाराणसी भष्ट्राचार निवारण न्यायालय ने जाँच के आदेश दिए हैं।जिसको भेलूपुर के सीओ करेंगे।
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