June 24, 2026

साधुओं की हत्या से साधुओं में और हिंदू समुदाय में गुस्सा है ।

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मुकुल रोहतगी- अभिव्यक्ति की आज़ादी पर हमला किया जा रहा है..सुप्रीमकोर्ट ने हमेशा इसकी रक्षा की है ।साधुओं की हत्या से साधुओं में और हिंदू समुदाय में गुस्सा है ।पत्रकार के तौर पर इसे बताना कैसे गलत है राजनीतिक दल की चुप्पी पर सवाल उठाना कैसे गलत है । रोहतगी- छत्तीसगढ़ से नोटिस भी आ चुका है कि अर्नब वहां पेश हों मेरे क्लाइंट को इन एफआईआर के मामले में राहत दी जाए और साथ ही कोर्ट यह भी साफ करे कि मानहानि का मुकदमा सिर्फ सीधे प्रभावित व्यक्ति कर सकता है । कपिल सिब्बल ने जिरह शुरू की- अर्नब का बयान पढ़ कर सुनाया कपिल सिब्बल- सांप्रदायिक हिंसा फैलाने की बातें अभिव्यक्ति की आज़ादी के दायरे में नहीं आ सके सुप्रीमकोर्ट- अर्नब गोस्वामी बनाम कांग्रेस सुनवाई शुरू । अर्नब के लिए मुकुल रोहतगी पेश…एफआईआर में महाराष्ट्र के लिए कपिल सिब्बल, छत्तीसगढ़ के लिए विवेक तनखा, राजस्थान के लिए मनीष सिंघवी समेत कुल 8 वकील जिरह के लिए मौजूद जज ने पूछा- एक नए मामले के लिए इतने वकील क्यों आए हैं? मुकुल रोहतगी पालघर घटना के बारे में बता रहे हैं. मुकुल रोहतगी- पुलिसवालों की मौजूदगी में हत्या हुई.. अर्नब ने इस पर 45 मिनट का शो किया.. कुछ चुभते हुए सवाल किए..पूछा कि कांग्रेस अध्यक्ष अल्पसंख्यकों की हत्या पर बोलती हैं.. साधुओं की हत्या पर चुप हैं..जवाब में कई राज्यों में FIR करवा दी गई….
अर्नब गोस्वामी के वकील रोहतगी ने कांग्रेस नेताओं के ट्वीट का हवाला दिया….अर्नब और उनकी पत्नी पर हुए हमले का हवाला दिया.. यह भी कहा कि सभी जगह दर्ज FIR की भाषा एक जैसी है…साफ है कि योजनाबद्ध तरीके से उन्हें परेशान किया जा रहा है मुकुल रोहतगी- पालघर में 12 पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में 200 लोगों की भीड़ ने 2 साधुओं की हत्या कर दी…किसी ने पूरी वारदात की वीडियो बना ली…पर दुःख की बात ये है कि पुलिस मूकदर्शक बनी रही मानो इस अपराध में उनकी मिलीभगत हो ।