October 5, 2026

शिव एवं सिद्ध योग में फाल्गुन अमावस्या पितृ दोष*

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शिव एवं सिद्ध योग में फाल्गुन अमावस्या, पितृ दोष से मुक्ति के लिए करें यह काम

Amavasya 2022: आज फाल्गुन अमावस्या है. आज के दिन शिव योग (Shiv Yog) और सिद्ध योग (Siddha Yog) बना है. शिव योग आज सुबह 08:21 बजे तक है और उसके बाद से सिद्ध योग शुरु हो जाएगा. ये दोनों ही योग मांगलिक कार्यों के लिए शुभ होते हैं. फाल्गुन अमावस्या के दिन नदी स्नान और दान (Snan Daan) करने का महत्व है. ऐसा करने से पुण्य की प्राप्ति होती है और पाप भी मिट जाते हैं. आज के दिन पितरों की आत्मतृप्ति के लिए पिंडदान, तर्पण, श्राद्ध कर्म आदि करते हैं. आइए जानते हैं कि फाल्गुन अमावस्या को कौन काम करने से क्या लाभ होते हैं?

फाल्गुन अमावस्या 2022 उपाय
पंचांग के अनुसार, फाल्गुन माह की अमावस्या तिथि कल देर रात 01 बजे शुरु हुई है, जो आज देर रात 11 बजकर 04 मिनट तक है. अमावस्या के दिन पितृदोष और कालसर्प दोष से मुक्ति के लिए उपाय किए जाते हैं.

1. आज फाल्गुन अमावस्या के दिन नदी में स्नान के बाद पितरों को तर्पण करें. या फिर उनकी आत्मा की तृप्ति के लिए पिंडदान और श्राद्धकर्म करें. इससे पितृदोष से मुक्ति मिलती है. पितृदोष होने पर काम में तरक्की नहीं मिलती है, संतान वृद्धि में समस्याएं आती हैं, परिवार की उन्नति नहीं होती है. इस वजह से इस दोष से मुक्त होना जरूरी होता है.

2. फाल्गुन अमावस्या के दिन कालसर्प दोष से मुक्ति के लिए चांदी के बने नाग और नागिन की पूजा की जाती है. पूजा के बाद उनको बहते जल में प्रवाहित कर दिया जाता है. ऐसा करने से कालसर्प दोष से मुक्ति मिलती है. यदि आप भगवान शिव की आराधना करें, तो भी कालसर्प दोष से मुक्ति मिलती है और अन्य ग्रह दोष भी दूर हो जाते हैं.

3. आज फाल्गुन अमावस्या के दिन पीपल के पेड़ की पूजा करने, जल अर्पित करने और वहां दीपक जलाने से पितर प्रसन्न होते हैं. वे अपनी संतान को सुख एवं खुशहाल जीवन का आशीर्वाद देते हैं.

फाल्गुन अमावस्या को प्रात:काल में स्नान के बाद सूर्य देव की पूजा करने, जल अर्पित करने और सूर्य मंत्रों का जाप करने से धन-धान्य में वृद्धि होती है. रोग एवं दोष दूर होते हैं. कुंडली में भी सूर्य की स्थिति मजबूत होती है.