July 11, 2026

मनकामेश्वर में कोरोना से रक्षा के लिए औषधिक तत्वों से हुआ महा यज्ञ- अजय मिश्रा

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मनकामेश्वर में कोरोना से रक्षा के लिए औषधिक तत्वों से हुआ महा यज्ञ

 

“कोराना का शमन, घर-घर हवन” का किया आवाह्न

 

महंत देव्यागिरि ने सरकार से की मांग 5जी का प्रशिक्षण कुछ समय के लिए रोका जाए

 

 

 

लखनऊ। मनकामेश्वर मठ मंदिर की महंत देव्यागिरि ने “कोराना का शमन, घर-घर हवन” अभियान की शुरुआत मंगलवार 4 मई को की। इसमें उन्होंने डालीगंज स्थित प्रतिष्ठित मनकामेश्वर मठ मंदिर में महा यज्ञ किया। इसके साथ ही उन्होंने लोगों का आवाह्न किया कि वह भी कोरोना महामारी में हवन कर वातातरण को निर्मल बनाए और अपने जीवन की रक्षा करें।

 

 

 

गिलोय, कूपर से किया गया महा यज्ञ

 

मंदिर परिसर में महंत देव्यागिरि की अगुआई में सर्वकल्याण और वातावरण शुद्धि के लिए महा यज्ञ किया गया। महंत देव्यागिरि ने बताया कि शास्त्रों में वर्णित “अग्निहोत्र” नियमित रूप से करना चाहिए। इसके सुगंधित औषधिक महत्व के धुंए से वातावरण में विषाणु नष्ट हो जाते हैं। औषधिक महत्व के तत्व न केवल प्राण वायु से हानिकारक तत्वों को समाप्त करते हैं बल्कि चित भी आनंदित कर शरीर को निरोगी बनाते हैं। इसलिए अधिक से अधिक लोगों को नियमित हवन करना चाहिए। इसमें गाय के कंडों का प्रयोग करना अति लाभकारी होगा। श्रीमहंत ने बताया कि यज्ञ मात्र एक धार्मिक कर्मकांड नहीं है अपितु एक वैज्ञानिक प्रक्रिया है। सेवादार उपमा पाण्डेय ने बताया कि यज्ञ में गिलोय, कपूर, लौंग, नीम, इलायची, गुग्गल, जौ, तिल, जावित्री, जायफल, पीली सरसों, पंच मेवा, नारियल, चंदन आदि का प्रयोग किया गया। महंत देव्यागिरि ने उन्होंने सरकार से अपील की है कि 5जी का प्रशिक्षण कोरोना के संकट काल में स्थगित किया जाए। उनके अनुसार वातावरण में अनावश्यक घातक किरणों को रोकने से मानव काया की रोग प्रतिरोधकता बढ़ेगी और कोरोना पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।