June 25, 2026

*मंडलीय चिकित्सालय कबीरचौरा के डॉक्टरों की लापरवाही से 10 वर्षीय रजत कुमार की हुई मौत*

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वाराणसी :-काशी को अध्यात्म की नगरी माना जाता है जहां पर 84 सौ देवी देवता वाश करते हैं वही एक ओर काशी नगरी के डाक्टर व नर्स अपनी जिम्मेदारी से नदारद होते दिख रहे हैं। आपको बताते चलें मामला मंडलीय चिकित्सालय कबीचोरा का है। बीती रात को रात्रि 11:00 बजे के लगभग सुशीला देवी पत्नी दिनेश कुमार ने अपने बच्चे रजत कुमार उम्र 10 वर्ष निवासी नन्दापुर हथिवार थाना बड़ागांव के निवासी ने उपचार के लिए निमोनिया से पीड़ित बच्चे को भर्ती कराया था डॉक्टरों व नर्सो द्वारा मौके पर रात्रि की ड्यूटी के दौरान उचित इलाज ना किए जाने के कारण रजत कुमार पुत्र दिनेश कुमार की मृत्यु सुबह 7:30 बजे हो गई परिजनों ने बताया कि रात में 2:30 बजे जब दवा खत्म हो गई थी तो ड्यूटी पर दो नर्स थी जो दोनों ड्यूटी के दौरान सो रही थी। जब हम लोग रूम में जगाने गए तो कोई नहीं जागा और ना ही कोई आया नार्सो द्वारा लापरवाही होने की वजह से हॉस्पिटल में हमारे बच्चे की मृत्यु हो गई हम बहुत ही दुखी हैं और हॉस्पिटल प्रशासन से मांग करते हैं कि जो हमारे बच्चे के साथ हुआ है वह और किसी के साथ ना हो और साथ ही गुहार लगाते हैं कि हॉस्पिटल प्रशासनिक व्यवस्था को और व्यवस्थित किया जाए। जहां एक और मोदी जी स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर आए दिन नई नई योजनाएं चला कर जनता को स्वस्थ रहने एवं उनके स्वास्थ्य से संबंधित सेवाएं दे रहे हैं वहीं कुछ डॉ और नर्स ऐसे भी हैं जो उनकी योजना और उनके सपने को मिट्टी में मिलाने पर अमादा है अब देखना है की हॉस्पिटल प्रशासन ऐसे भ्रष्ट लोगों पर आने वाले समय में किस तरह कड़ा रुख अख्तियार करती है

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