फर्जी रेप केस: सुप्रीम कोर्ट द्वारा पूर्व महिला आयोग सदस्य की याचिका ख़ारिज
एक्टिविस्ट डॉ नूतन ठाकुर द्वारा गाजियाबाद की एक महिला पर उन्हें तथा उनके पति आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर को फर्जी रेप का आरोप लगा कर फंसाने के मामले में थाना गोमतीनगर, लखनऊ में दर्ज मुकदमे में आरोपी पूर्व महिला आयोग सदस्य अशोक पाण्डेय की स्पेशल लीव पेटिशन सुप्रीम कोर्ट द्वारा ख़ारिज कर दी गयी है.
जस्टिस ए के सिकरी तथा जस्टिस आर सुभाष रेड्डी की बेंच ने कहा कि दोनों पक्षों द्वारा बताया गया कि मामले में आरोपपत्र प्रेषित किया जा चुका है, जो ट्रायल कोर्ट में विचाराधीन है.
कोर्ट ने कहा कि चूँकि आरोपपत्र प्रेषित किया जा चुका है, अतः इस याचिका को लंबित रखे जाने का कोई कारण नहीं है.
कोर्ट ने कहा कि याची अशोक पाण्डेय आदेश के 2 सप्ताह के अन्दर ट्रायल कोर्ट में नियमित जमानत याचिका दायर कर सकती हैं, जिसका त्वरित निस्तारण किया जाये.
यह मुक़दमा 22 जून 2015 को दर्ज किया था जिसमे नूतन ने तत्कालीन खनन मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति द्वारा महिला आयोग की सहायता से फर्जी रेप केस में फंसाने का आरोप लगाया गया था. इसमे अपराध शाखा की विवेचना के बाद मामला विशेष एमपीएमएलए कोर्ट के सामने विचाराधीन है.

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