July 13, 2026

तत्कालीन कुलपति आरपी सिंह के संरक्षण में हुई थी कविता चतुर्वेदी की फर्जी नियुक्ति- अजय मिश्रा

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लखनऊ :-

कविता चतुर्वेदी 2006 में अप्लाइड इकोनॉमिक्स की लेक्चरर के तौर पर नियुक्त की गई।

लेक्चरर पद के लिए विश्व विद्यालय में फॉर्म भरने की आखिरी डेट थी 30 अप्रैल 2006 जबकि कविता चतुर्वेदी की डिग्री 17 अगस्त 2006 की है |तत्कालीन कुलपति आरपी सिंह के संरक्षण में हुई थी कविता चतुर्वेदी की फर्जी नियुक्ति मामले के खुलासे के बाद जांच हुई और जब मामला पहुंचा राज्यपाल के पास तो तत्कालीन रजिस्ट्रार एके दमेले ने राज्यपाल को यह लिख कर दिया कि कविता चतुर्वेदी ने 2005 में पीएचडी कंप्लीट की थी जांच आगे बढ़ी और 8 जुलाई 2008 को कविता चतुर्वेदी को बर्खास्त कर दिया गया | शिकायतकर्ता के पास जरूरी सबूत और दस्तावेज आ जाने के बाद तत्कालीन कुलपति आरपी सिंह के पास 2019 में शिकायत की गई लेकिन कुलपति और कुलसचिव एसके शुक्ला ने हीला हवाली के चलते इस पर कोई भी निर्णय नहीं लिया और कविता चतुर्वेदी को बचाने की कवायद करने लगे 30 अक्टूबर 2019 को शिकायतकर्ता ने हसनगंज थाने में शिकायत की लेकिन f.i.r. 8 मार्च 2020 को दर्ज हुई Pmo ऑफिस से जांच के आदेश आने के बाद भी विश्वविद्यालय प्रशासन ने कोई भी कार्यवाही नहीं की जबकि 2007 में राज्यपाल को भी झूठे दस्तावेज पेश किए गए पूर्व कुलपति आरपी सिंह, कुलपति एसपी सिंह और रजिस्ट्रार एके दमेले, एस के शुक्ला पर एफ आई आर दर्ज कर ली गई है।