नई दिल्ली. ऐप आधारित टैक्सी सेवा देने वाली कंपनी ओला (OLA) तमिलनाडु में अपनी पहली ई-स्कूटर फैक्ट्री (E-Scooter Factory) लगाएगी. कंपनी ने बताया कि उसने इसके बारे में तमिलनाडु सरकार (Tamil Nadu Government) के साथ करार कर लिया है. कंपनी दुनिया की सबसे बड़ी ई-स्कूटर फैक्ट्री लगाने पर 2,400 करोड़ रुपये खर्च करेगी. कंपनी का दावा है कि इस फैक्ट्री के तैयार होने पर करीब 10,000 लोगों के लिए रोजगार के अवसर (Employment Opportunities) पैदा होंगे. कंपनी ने बताया कि शुरुआत में इसकी मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी सालाना 20 लाख व्हीकल की होगी.
इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के आयात पर निर्भरता होगी कम
ओला की ओर से कहा गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नजरिये के मुताबिक ये ई-स्कूटर मैन्युफैक्चरिंग फैक्ट्री आत्मनिर्भर भारत की दिशा में अहम कदम होगा. इससे भविष्य के अहम क्षेत्रों मसलन इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के आयात पर निर्भरता कम हो सकेगी. साथ ही इससे स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग को प्रोत्साहन मिलेगा. वहीं, देश की तकनीकी विशेषज्ञता को भी बेहतर करने में मदद मिलेगी. ओला ने कहा कि अपने विशिष्ट कौशल, श्रमबल और जनांकिकी के जरिये भारत ई-वाहनों की मैन्युफैक्चरिंग का ग्लोबल हब बन सकेगा.
भारत समेत कई देशों की डिमांड को पूरा करेगी कंपनी
कंपनी ने कहा कि यह फैक्ट्री भारत के साथ ही यूरोप, एशिया, लैटिन अमेरिका और अन्य देशों की मांग को पूरा करेगी. कंपनी अपने ई-स्कूटरों की पहली श्रृंखला कुछ महीनों के भीतर पेश करने की तैयारी कर रही है. कंपनी ने कहा कि पहला ई-स्कूटर अगले साल जनवरी तक बाजार में पेश किया जा सकता है. इस साल मई में ओला इलेक्ट्रिक ने एम्सटर्डम स्थित एटेर्गो बीवी के अधिग्रहण की घोषणा की थी. तब कंपनी ने 2021 तक भारतीय बाजार में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन पेश करने का लक्ष्य रखा था.
इन कंपनियों से होगा ओला के ई-स्कूटर का मुकाबला
ओला का लक्ष्य पहले साल में 10 लाख ई-स्कूटर की बिक्री का है. ई-स्कूटर मार्केट में ओला के सामने बजाज ऑटो (Bajaj Auto), हीरो मोटोकॉर्प (Hero MotoCorp) की समर्थित अथरएनर्जी (AtherEnergy), हीरो इलेक्ट्रिक (Hero Electric) जैसी कंपनियां मुकाबले में रहेंगी, जो भारतीय बाजार में पहले से इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स की बिक्री करती हैं.

More Stories
दिल्ली एयरपोर्ट में निकली 1095 पदों पर वैकेंसी__
सोने का मास्क भी आ गया
एक किलोमीटर पर केवल 20 पैसे का खर्च