May 9, 2026

EPFO ने कोविड-19 के दौरान 52 लाख क्लेम का किया निपटारा, इसमें 13,300 करोड़ रुपये का किया भुगतान

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नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने मार्च के महीने में महामारी के दौरान 6 करोड़ ईपीएफओ खाताधारकों को अपने ईपीएफ खाते से पैसे निकालने की अनुमती दी थी. लॉकडाउन के दौरान में पूरे देश में से EPFO के 52 लाख खाताधारकों ने अपने ईपीएफ के भुगतान के लिए क्लेम किया था. जिसमें ईपीएफओ ने सभी का भुगतान समय पर कर दिया. केंद्रीय श्रम मंत्री संतोष गंगवान के अनुसार ईपीएफओ ने कोविड-19 के दौरान 52 लाख क्लेम के लिए 13,300 करोड़ रुपये का भुगतान किया.

Assocham Foundation के कार्यक्रम में बोलते हुए केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने बताया कि केंद्र सरकार ने महामारी से लड़ने के लिए लॉकडाउन के दौरान 6 करोड़ EPFO खाताधारकों को अंशकालीन भुगतान की सुविधा दी थी. जिसमें कोई भी EPFO खाताधारक अपने ईपीएफ की 75 प्रतिशत तक धनराशि निकाल सकता था. वहीं केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने कहा कि सरकार की इस पहले से पूरे देश में 52 लाख ईपीएफ खाताधारकों को लॉकडाउन के दौरान खासी राहत मिली.

 

विदड्रॉल की राशि को दोबारा जमा करने की आवश्यकता नहीं- केंद्र सरकार ने कोरोना महामारी से लड़ने के लिए अर्जेंट नोटिफिकेशन जारी करके ईपीएफ खाते से विदड्रॉल करने की अनुमति दी थी. इस नोटिफिकेशन में सरकार ने ईपीएफ खाते की 75 प्रतिशत तक राशि विदड्रॉल करने की अनुमति दी थी. जिसे की खाताधारक को दोबारा वापस नहीं करना था. जिसका देशभर में करीब 52 ईपीएफ खाताधारक ने फायदा उठाया.यह भी पढ़ें: Google में अगले साल भी जारी रहेगा वर्क फ्रॉम होम, इस महीने तक मिलेगी ये सुविधा

Labour Code को लेकर मांगा है फीडबैक- लेबर कोड के इंप्लीमेंटेशन को लेकर केंद्रीय मंत्री ने इंडस्ट्री रिप्रेजेंटेटिव्स से ड्राफ्ट रूल्स पर फीडबैक मांगा है. बता दें कि केंद्र सरकार ने इंडस्ट्रियल रिलेशंस, सोशल सिक्योरिटी और व्यावसायिक स्वास्थ्य सुरक्षा और काम करने की परिस्थितियों को लेकर तीन लेबर कोड्स का ड्राफ्ट तैयार किया है. इसे लेकर ही केंद्रीय मंत्री ने फीडबैक मांगा है. ये लेबर कोड्स इस साल मानसून सत्र के दौरान पास हुए थे. वेतन को लेकर संसद ने पिछले साल लेबर कोड पास किया था और उससे जुड़े नियम को अंतिम रूप दे दिया गया है. अब सरकार का इरादा इन चारों कोड्स को अगले साल 1 अप्रैल से लागू करने की है.