वाराणसी। कोरोना वायरस ने देश में जैसे ही कदम रखा मानों पूरे देश में जैसे खलबली सी मच गयी। खलबली मचने की वजह भी वाजिब है क्योंकि इस वायरस की अब तक ना तो कोई वैक्सीन बनी है और ना कोई दवाई। कोरोना ने दुनिया के कई सारे देशों को अपने कब्जे में जकड़ रखा है और हर देश इस महामारी से लड़ने के लिए अपनी तरफ से हर संभव कोशिश कर रहा है। इसी कड़ी में भारत ने कोविड-19 के लिए आरोग्य सेतु एप को लोगों की सुरक्षा को देखते हुए लॉन्च किया, जिसके फायदे आप सभी को अच्छे से पता हैं। हालांकि पीएम मोदी ने जब-जब इस दौरान देश की जनता को संबोधित किया तो उसमें उन्होंने ज्यादा से ज्यादा आरोग्य सेतु एप को लोगों को डाउनलोड करने पर जोर दिया, जिसका नतीजा ये हुआ कि भारत की 1,378,566,974 इतनी अरब जनसंख्या में से 13 मई तक 10 करोड़ लोगों ने आरोग्य सेतु एप को अपने मोबाइल में डाउनलोड किया है और अगर देखा जाये तो वो अभी भी कम है।
अगर हम सिर्फ यूपी की बात करें तो पूरे यूपी में 237,095,024 करोड़ जनसंख्या है लेकिन अभी तक सिर्फ 2 करोड़ लोगों ने ही इस एप को अपने मोबाइल में डाउनलोड किया है जोकि बहुत कम है। आज के समय में सभी के पास मल्टी मीडिया सेट है और इस महामारी की घड़ी में सभी को अपनी सुरक्षा की दृष्टि से आरोग्य सेतु एप को अपने मोबाइल में डाउनलोड करना चाहिए। हम आपको आज यूपी के उन पांच शहरों के बारे में बताने जा रहे हैं कि किस शहर ने आरोग्य सेतु एप को सबसे ज्यादा डाउनलोड कर के अव्वल स्थान को हासिल किया और कौन सा शहर फिसड्डी रहा।
ऊपर लगे चार्ट में पूरे यूपी के आंकड़ों को दर्शाया गया है, जिसमें गौतमबुद्ध नगर, गाज़ियाबाद,लखनऊ, वाराणसी और कानपुर आदि इन शहरों में ही कुछ ठीक स्थिति है बाकी आप खुद ही देख सकते हैं कि पूरे यूपी की क्या स्थिति है। यानि अगर बाजी मारने की बात करें तो गौतमबुद्ध नगर ने बाजी मारकर अव्वल स्थान हासिल किया है, वहीं पीएम मोदी का संसदीय शहर वाराणसी चौथे स्थान पर है, जबकि पीएम मोदी ने इस लॉकडाउन के दौरान यहां के माननीयों समेत अधिकारियों से आरोग्य सेतु एप को ज्यादा से ज्यादा लोगों द्वारा डाउनलोड करने की अपील कर चुके हैं। वहीं यूपी का श्रावस्ती, बदायूं, सीतापुर, हरदोई आदि शहर आरोग्य सेतु के डाउनलोड में फिसड्डी शहर साबित हुआ है।
इस खबर के पीछे हमारा मकसद बस इतना बताना है कि हर वो शहर जहां आरोग्य सेतु के डाउनलोड करने की रफ्तार बहुत ही ज्यादा कम है , वहां के प्रशासन को चाहिए कि मुस्तैदी के साथ या फिर किसी भी तरीके से मोबाइल में इस एप को डाउन लोड करवाए, जिससे ज्यादा से ज्यादा लोग अपने और अपने परिवार की हिफाजत कर सके। क्यूंकि कोरोना के साथ अभी देश को काफी दिनों तक लड़ना है और ऐसे में आरोग्य सेतु का ये एप कोरोना से जंग में कहीं ना कहीं काफी हद तक फायदेमंद साबित हो सकता है।







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