June 20, 2026

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा- चार सप्ताह में ग्रेच्युटी करें भुगतान, अन्यथा देना होगा 18 प्रतिशत ब्याज-

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इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा- चार सप्ताह में ग्रेच्युटी करें भुगतान, अन्यथा देना होगा 18 प्रतिशत ब्याज-

 

प्रयागराज:- इलाहाबाद हाई कोर्ट ने दिवंगत सहायक अध्यापकों की ग्रेच्युटी ब्याज सहित सभी भुगतान चार सप्ताह में करने का निर्देश दिया है। कहा कि तय समय मे भुगतान न करने 18 प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज भी देना पड़ेगा। यह आदेश न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल ने शवाब हैदर जैदी व 10 अन्य की अवमानना याचिकाओं पर दिया है।

 

सहायक अध्‍यापिका मामले में याचिका : याचिका पर अधिवक्ता कमल कुमार केसरवानी ने बहस की। उनका कहना था कि याची की पत्नी बेसिक शिक्षा विभाग में सहायक अध्यापक पद पर कार्यरत थीं, जिनकी मृत्यु सेवाकाल में हो गई। मृत्यु के बाद उनके समस्त देयकों का भुगतान कर दिया गया लेकिन ग्रेच्युटी का भुगतान यह कह कर नहीं किया गया कि उन्होंने 60 वर्ष में सेवानिवृत्ति विकल्प का चयन नहीं किया था। इसलिए वह ग्रेच्युटी पाने की हकदार नहीं हैं। 60 वर्ष में सेवानिवृत्ति विकल्प भरने वाले अध्यापकों को ही ग्रेच्युटी पाने का अधिकार है। 62 वर्ष तक सेवा करने वाले अध्यापकों को ग्रेच्युटी पाने का अधिकार नहीं है।

 

एकल पीठ ने याचिका निस्‍तारित की : इस पर याचिका दाखिल गई, जिसे एकल पीठ ने ऊषारानी केस के आधार पर निस्तारित करते हुए दो माह में आठ प्रतिशत ब्याज सहित ग्रेच्युटी का भुगतान करने का आदेश दिया। विभाग ने इस आदेश के विरुद्ध विशेष अपील दाखिल की, जो खारिज हो गई। इसके बाद भी भुगतान न होने पर अवमानना याचिका की गई तो सरकार ने ऊषारानी केस के विरुद्ध सर्वोच्च न्यायालय में विशेष अनुमति याचिका लंबित होने पर भुगतान नहीं किया। बाद में सर्वोच्च न्यायालय ने सरकार की याचिका खारिज कर दी और राज्य सरकार को चार सप्ताह में भुगतान का आदेश दिया। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा चार सप्ताह में भुगतान न होने पर 18 प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज देना पड़ेगा। हाई कोर्ट ने सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के हवाले से सभी 11 याचियों को ग्रेच्युटी सहित सभी भुगतान चार सप्ताह में करने का निर्देश दिया।