दुमका:-(झारखंड)
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*झारखंड शिक्षा परियोजना कार्यालय दुमका के काले सच का पर्दाफाश*
🔹️नि:शुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा अधिकार की सार्थकता हेतु ” सर्व शिक्षा अभियान” के तहत् दुमका के खुट्टाबांध स्थित झारखंड शिक्षा परियोजना के जिला कार्यालय से आर.टी.आई. के जरिए भ्रष्टाचार का हुआ खुलासा ।
🔹️ “आर.टी.आई.एक्ट 2005” से मिली जानकारी के अनुसार झारखंड शिक्षा परियोजना के जिलास्तरीय कार्यालय, खुट्टाबांध दुमका के कुछ संलिप्त कर्मियों की मिलीभगत से तथा सरैयाहाट बी.आर.सी. के तत्कालीन बी.ई.ई.ओ. मो0 जमालुद्दीन के इशारे पर सरैयाहाट बी.आर.सी. के पर्यवेक्षक उदय कुमार दत्ता द्वारा 2017 में उ0 म0 वि0 खोजवा के ‘विद्यालय प्रबंधन समिति’ के पुनर्गठन-प्रपत्र के खाली पृष्ठ में बेनाम लोगों का नाम डालकर तथा जाली हस्ताक्षर कर एक जालसाज नटवरलाल को स्कूल में प्रबंधन समिति का अध्यक्ष बनाने का प्रयास कर भ्रष्टाचार करवाने का किया गया था काम । परंतु उक्त विद्यालय की प्रधानाध्यापिका श्रीमति पाठक की ईमानदारी और समझ-बूझ से जालसाजों के मंसूबे हुए विफल ।
🔹️सरैयाहाट बी.आर.सी. के इतिहास में पहली बार एक जाली सर्टिफिकेट पर हिन्दी विद्यापीठ से पास किए हुए मो0 जमालुद्दीन नाम के रिश्वतखोर बी.ई.ई.ओ.ने 2017 में सरैयाहाट बी.आर.सी. की छवि को कर रखा था खराब ।
🔹️उसी बी.ई.ई.ओ. ने रिश्वत लेकर एक सोचे समझे प्लान के तहत अपने चहेते जालसाज के बच्चे को ट्यूशन पढ़ानेवाले शिक्षक एवं सरैयाहाट बी.आर.सी. के अन्य संकुल के पर्यवेक्षक उदय कुमार दत्ता को 6-6 पृष्ठ वाले दो प्रतियों के ‘पुनर्गठन प्रपत्र’ के साथ जालसाजी तरीके से समिति गठन कराने भेजा था स्कूल । जिसमें ग्रामीणों द्वारा उपस्थिति काॅलम में केवल अपना हस्ताक्षर किए जाने के क्रम में ही समिति अध्यक्ष के गलत दावेदार द्वारा दबंगई के साथ शिक्षक से बदतमीजी करने के कारण उत्पन्न हुए विवाद से आक्रोशित ग्रामीण बिना अपनी सहमति दिए बैठक छोड़कर चले गए थे ।
🔹️कुछ दिनों के बाद समिति के पुनर्गठन प्रपत्र में किया गया था फेरबदल और हेराफेरी ।
🔹️द्वितीय प्रति के चौथे खाली पृष्ठ को फाड़कर प्रथम प्रति के चौथे पृष्ठ में जोड़कर और उस खाली पृष्ठ में पर्यवेक्षक उदय कुमार दत्ता से बेनाम व्यक्ति का नाम जोड़वाकर और उन सबों का जाली हस्ताक्षर करवाकर तथा परियोजना कार्यालय के संलिप्त कर्मी के साठगांठ से उस पृष्ठ पर जिला शिक्षा अधीक्षक का मुहर लगवाकर हस्ताक्षर हेतु जिला शिक्षा अधीक्षक के समक्ष प्रस्तुत किया गया था । परंतु हेराफेरी की स्थिति को समझते हुए जिला शिक्षा अधीक्षक द्वारा हस्ताक्षर और अनुमोदन नहीं हुआ था । और उसी जाली और फर्जी अभिलेख को चयन होने का दस्तावेज बताकर झारखंड शिक्षा परियोजना कार्यालय दुमका में आर.टी.आई. का कार्यसंपादन करनेवाले कर्मी ने अपीलकर्ता को गलत जानकारी के साथ फर्जी दस्तावेज की छायाप्रति सूचना के रूप में उपलब्ध कराया है ।
🔹️ इधर उक्त जालसाज के उपर कोर्ट में हो चुका है धोखाघड़ी और जालसाजी का केस ।
🔹️ झारखंड राज्य सूचना आयोग और झारखंड शिक्षा परियोजना, रांची को दे दी गई है जानकारी ।
सुशील झा





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