श्री घनश्याम सिंह, सदस्य/कर्षण, रेलवे बोर्ड द्वारा आज दिनांक 07 जनवरी, 2019 को डीजल रेल इंजन कारखाना द्वारा उत्पादित 100वें विद्युत रेल इंजन डब्ल्यूएपी-7 ‘शतक’ को महाप्रबंधक श्रीमती रश्मि गोयल एवं जनवरी में सेवानिवृत्त होने वाले उत्पादन से जुड़े डीरेका के सात कर्मचारियों के साथ झंडी दिखाकर लोकार्पित किया गया । इस अवसर पर श्री सिंह ने को भी लोकार्पण समारोह में शामिल किया । इसके पूर्व उन्होंने महाप्रबंधक श्रीमती रश्मि गोयल एवं अन्य प्रमुख अधिकारियों के साथ उक्त रेल इंजन के ड्राइवर कैब का निरीक्षण किया । रेल इंजन के निरीक्षण के दौरान श्री सिंह ने महाप्रबंधक श्रीमती गोयल एवं प्रमुख अधिकारियों से उक्त रेल इंजन से संबंधित महत्वपूर्ण तकनीकी जानकारियां प्राप्त कीं ।
इस अवसर पर अपने सम्बोधन में सदस्य/कर्षण महोदय ने डीरेका कर्मियों को नव वर्ष की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि डीरेका बाबा विश्वनाथ की नगरी का वह नगीना है, जो सम्पूर्ण विश्व में चमक बिखेर रहा है । उन्होंने डीरेका कर्मियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि परिवर्तन को आत्मसात करने वाला ही संसार बदलता है। जिस प्रकार डीरेका ने हरित ऊर्जा को आगे बढ़ाते हुए विद्युत रेल इंजनों के उत्पादन का ‘शतक’ पूरा किया, इससे पता चलता है कि भारतीय रेल की यह उत्पादन इकाई डीरेका विदेशों पर निर्भर न रहकर रेल इंजन उत्पादकता में विश्व के अग्रणी उत्पादन इकाई के रूप में उभर रहा है । यह नि:संदेह भारत को विश्व गुरू बनाने की दिशा में अग्रसर है । इस अवसर पर उन्होंने डीरेका की संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भविष्य में डीरेका 55 से 60 रेल इंजन प्रतिमाह उत्पादन करने में सक्षम होगा ।





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