एंकर:- विगत कुछ दिनों पूर्व गाजीपुर में निषाद पार्टी द्वारा किये गए पत्थरबाजी में सिपाही सुरेश कुमार वत्स मौत हो गयी थी। मामले में मुख्य आरोपी अर्जुन कश्यप ने सोमवार को वाराणसी के जिला एवं सत्र न्यायालय के रेलवे कोर्ट में सरेंडर कर दिया। हालांकि आरोपी ने बलिया में 2018 में घटित एक घटना के मामले में सरेंडर किया है।
वीओ : अधिवक्ता के के श्रीवास्तव ने बताया कि बलिया में 2018 में धारा 174 का एक मामला था,जिसमें जमानतदार ने जमानत वापस ले ली। इस मामले में आरोपी को 14 दिन के न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया है। इसमें गाजीपुर में सिपाही की मौत से जुड़ा कोई मामला नहीं है।
बाइट :- के के श्रीवास्तव अधिवक्ता
वीओ :- हालांकि पुलिस कस्टडी में जेल भेजे जा रहे आरोपी अर्जुन ने इस पुरे मामले में बलिया के बीजेपी के किसी सदर विधायक पर आरोप लगाया। अर्जुन ने कहा कि उसे फंसाया जा रहा है।
बाइट :- अर्जुन कश्यप , आरोपी
फाइनल वीओ:- 29 दिसंबर को गाजीपुर के नोनहरा थाने के कठवा मोड़ पूल के पास निषाद पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा आरक्षण के मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन किया जा रहा था। इस दौरान बीजेपी के कार्यकर्ताओं से उनकी भिड़ंत होने के बाद मामला उग्र हो गया और देर शाम तक निषाद पार्टी के कुछ कार्यकर्ताओ को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद वहां अन्य कार्यकर्ताओ ने पत्थरबाजी करना शुरू कर दिया था।इसमें कई पुलिसकर्मी घायल हुए जबकि करीमुद्दीन थाने में तैनात सिपाही सुरेश वत्स की मौत हो गयी थी।इस मामले में नोनहरा पुलिस 32 नामजद और 150 अज्ञात लोगों के विरुद्ध, सुहवल पुलिस ने 200 अज्ञात तथा करंडा थाने की पुलिस ने 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज किया है।इस मामले में रविवार को अर्जुन कश्यप के बेटे अभिमन्यु कश्यप को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भी भेज दिया है।
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