
पिन्डरा-वाराणसी – बड़ागांव थाना क्षेत्र के सिसवा बाबतपुर गांव निवासी नर्मदा दुबे उम्र लगभग 100 वर्ष इन्होंने अपनी दोनों आंख मरणोपरांत दान देने की इच्छा जताई है इस संदर्भ में नर्मदा दुबे से पूछने पर उन्होंने बताया कि हमने अखबारों और पत्रिकाओं में बहुत पढ़ा है कि दुनिया का सबसे बड़ा दान नेत्रदान होता है और मेरी भी यही इच्छा है कि मैं मरणोपरांत अपने नेत्र का दान करूं जिससे हमारे ना रहने पर भी दो लोग दुनिया देख सके इस संदर्भ में वाराणसी शहर के विख्यात नेत्र चिकित्सक डॉ अनुराग टंडन से पूछने पर उन्होंने बताया कि नेत्रदान करने की कोई उम्र सीमा नहीं होती है केवल दान करने वालों का कार्निया यानि काली पुतली सही होनी चाहिए नर्मदा दुबे आज भी बगैर चश्मे का वहीं से महीने छल पढ़ लेते हैं नियमित अखबार भी पढ़ते हैं उनके नेत्रदान की खबर सुनकर उनके लड़कों ने कहा उनकी इच्छा है और उनकी इच्छा की पूर्ति हम लोग करना है हम लोग इसके लिए तैयार हैं।
रिपोर्टर- कृष्ण मोहन उर्फ बग्गा

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