वाराणसी। अभी मिर्जामुराद थाने के कांस्टेबल हैदर की पशु तस्करों से संलिप्तता की छवि से वाराणसी पुलिस बाहरी नहीं निकली थी कि एक बार फिर पुलिस पर पशु तस्करों से मिलीभगत का आरोप उजागर हुआ है। इस मामले में एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने कैंट थाने के सिपाही अतिउल्ला खां को मंगलवार को निलंबित कर दिया। आरक्षी अतिउल्लाह खां के ऊपर पशु तस्करों का सहयोग करने के साथ ही पैसा लेना और विभाग के अधिकारियों को पैसा पहुंचाने का आरोप लगा है।
दरअसल एक नवंबर 2018 को एसटीएफ की टीम द्वारा मांस का अवैध व्यापार करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया गया था। जिसमें अभियुक्त मोहम्मद आशिफ इलाही सहित कुल 5 पशु तस्कर गिरफ्तार किए गए थे। अभियुक्तों से पूछताछ और उनके गिरोह की जानकारी एकत्रित करने के दौरान पता चला कि अतिउल्ला खां प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तरीके से तस्करों को सहयोग करता है। इसके ऐवज में पशु तस्करों के द्वारा उसे पैसा दिया जाता था। अतिउल्लाह पैसा केवल अपने पास ही नहीं रखता था बल्कि विभाग के कुछ अन्य पुलिसकर्मियों तक उसे पहुंचाने का काम भी करता था। पुलिस विभाग की छवि धूमिल करने के साथ ही अन्य मामलों में आरक्षी अतिउल्लाह को दोषी पाए जाने पर एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने उसे निलंबित कर दिया। अतिउल्लाह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विभागीय कार्रवाई करने का आदेश भी दिया गया है।
पशु तस्करों की मदद करने वाले सिपाही हैदर पर पहली गिर चुकी है गाज
मिर्जामुराद थाने के कारखास आफाक हैदर अली के ऊपर इससे पहले पशु तस्करों से सांठगांठ का आरोप लग चुका है। इस मामले में भी एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने कांस्टेबल हैदर के खिलाफ विभागीय मुकदमा दर्ज करने के साथ ही उसे जेल भेजने का आदेश दिया था। वहीं तत्कालीन मिर्जामुराद इंस्पेक्टर को भी लाइन हाजिर कर दिया गया था। बता दें कि मिर्जामुराद थाने के कांस्टेबल हैदर और पशु तस्करों के बीच हुई बातचीत का ऑडियो क्लिप बीते सितंबर माह में तेजी से वायरल हुआ था। जिसमें मिर्जामुराद थाने का सिपाही पशु तस्करों से दो लाख 50 हजार में मामला सेट कर आने की बात कर रहा था और पशु तस्कर के द्वारा उसे दो लाख 20 हजार रुपये दिया जा चुका था, लेकिन वायरल ऑडियो में पशु तस्कर पुलिस के ऊपर पैसा लेने के बाद भी मदद न करने का आरोप लगा रहे थें। अभी इस मामले को पूरी तरह से तीन महीना भी नहीं बीता की कैंट थाने की सिपाही के पशु तस्करों से सांठगांठ का मामला उजागर हो गया है। पुलिस विभाग से जुड़े सूत्रों पर विश्वास करें तो मिर्जापुर, भदोही, गाजीपुर, आजमगढ़ जिले से आने वाले पशु तस्कर शहर के हाईवे पर पड़ने वाले प्रत्येक थाने पर पैसा देते हैं। जिसके एवज में पुलिस उन्हें संरक्षण प्रदान करती है। पशु तस्कर बनारस होते हुए पश्चिम बंगाल और कोलकाता जाते हैं।
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