डाक्टरी करने की नहीं है योग्यता और ना ही क्लीनिक का लाइसेंस
वाराणसी। जहां एक ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा देश की जनता के लिये आयुष्मान भारत योजना व कई अन्य स्वास्थ्य योजनाओं को संचालित किया जा रहा है। वहीं उनके संसदीय क्षेत्र में कुछ चिकित्सक ऐसे भी है। जिनका कोई न तो रजिस्ट्रेशन है और ना ही उनके द्वारा किसी प्रकार की कोई चिकित्सा से संबंधित योग्यता ही है। ऐसे चिकित्सक सरकार की मंशा को पलीता लगाने पर उतारू है। जिनका एकमात्र उद्देश्य सिर्फ पैसा कमाना है। इसके लिए क्यों न इंसान की जिंदगी से खिलवाड़ ही करना पड़े। आज हम एक ऐसे चिकित्सक के बारे में अवगत करा रहे हैं जिसने मानवता की हदें तोड़ दी हैं।
कोतवाली थाना क्षेत्र के हरतिरथ व पीलीकोठी क्षेत्र में क्लीनिक चलाने वाले झोलाछाप चिकित्सक विशाल मलिक के बारे में बीएम ब्रेकिंग न्यूज़ को सूचना मिली थी कि उनके द्वारा बिना किसी चिकित्सकीय योग्यता के क्लिनिक का संचालन कर रहा है। जिसकी जांच के लिये पत्रकारों ने सीएमओ डॉ. वी.बी.सिंह से लिखित शिकायत की थी। शिकायत के आधार पर सीएमओ द्वारा चिकित्सक डॉ पीयूष राय को जांच कर रिपोर्ट देने हेतु निर्देशित किया। डॉ पीयूष राय ने जांच के दौरान पाया कि विशाल मलिक चिकित्सकीय कार्य करने के योग्य नही है और न ही उसके पास कोई योग्यता है। साथ ही डॉ. राय ने रिपोर्ट में लिखा कि वह पूरे भारत वर्ष में कहीं भी चिकित्सक के रूप में कार्य करने के लिए अहर्य नहीं है और उसके क्लिनिक का रजिस्ट्रेशन भी नहीं है। डॉ राय की रिपोर्ट के आघार पर सीएमओ डॉ वी.बी.सिंह ने एसएसपी व थाना प्रभारी कोतवाली को आवश्यक कार्यवाही करने के लिये पत्र लिखा। सीएमओ के पत्र को दृष्टिगत रखते हुए कोतवाली थाना प्रभारी ने विशाल मलिक के खिलाफ धारा 419, 420 व इंडियन मेडिकल काउंसिल 1956 की धारा 3 के तहत मुकदमा दर्ज कर इतिश्री कर ली।
ज्ञात हो कि बीएम ब्रेकिंग न्यूज़ ने ऐसे झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ अभियान चला रखा है। पूर्व में चैनल की मुहिम को देख बीएम ब्रेकिंग न्यूज के संपादक को झोलाछाप चिकित्सक विशाल मलिक के पिता डॉ. के सी मलिक द्वारा धमकी भी दी गई थी। लेकिन समय के साथ ही सच्चाई प्रशासन के समक्ष उजागर हो चुकी है। जबकि इस मामले में डॉ के सी मलिक का धनबल, बाहुबल और रायफल तीनो ही काम नही आया और मुंह की खानी पड़ी। बड़े बूढो ने जहां कहां है कि चोरी , हत्या और पाप छिपाने से भी नही छिपता जो आज सच के रूप में समाज के सामने है।
वहीं जब बीएम ब्रेकिंग न्यूज़ के संपादक भुनेश्वरी मलिक फर्जी नर्सिंग होम के पर्दाफाश करने के लिए गई तो उन्हें डॉ. के.सी द्वारा गोली मारने की धमकी, तथा भद्दी- भद्दी गालियां देने लगा। डॉक्टर की इस करतूत से साफ जाहिर हो गया की पूरा का पूरा अपने नर्सिंग होम को फर्जी तरीके से चला रहा हैंं। यही नहीं डॉक्टर के परिवार के अन्य सदस्यों ने भी कई जगहों पर फर्जी नर्सिंग होम को संचालित कर रखा हैंं। जिसका पुख्ता सबूत बीएम ब्रेकिंग न्यूज के पास मौजूद है।
अब देखना यह है कि सीएमओ के द्वारा दर्ज कराए गये मुकदमे में समाजहित के मद्देनजर स्थानीय पुलिस की क्या भूमिका होती है, क्या वह आरोपी के विरुद्ध कार्रवाई करती है या फिर लचर कानून व्यवस्था का हवाला देते हुए आरोपी को लाभ पहुंचाने का कार्य करती है। वहीं मुकदमा दर्ज होने के बाद सीएमओ वाराणसी को अब तक आरोपी विशाल मलिक के क्लिनिक को सीज कर देना चाहिये, परन्तु कहीं न कहीं सीएमओ वाराणसी भी आरोपी को लाभ पहुंचाने की दिशा में अग्रसर है, जो एक सोचनीय विषय है।

More Stories
Temukan Link Alternatif QQ88 Gampang Menang Maxwin Setiap Hari Tanpa Ribet
Sinar88 Login Link Alternatif Terbaru 2026 Pasti Anti Navigasi Net
In the Age of information, Specializing in Phising Kontol