June 22, 2026

घर पहुंचने की मजदूरों की बेबसी अंतिम हद तक पहुंच गई

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जमशेदपुर. एनएच-31 पर घर के लिए निकले मजदूरों से बात करने पर उनकी मजबूरी मन को विचलित करने वाली होती है। मजदूरों का कहना है कि एक तरफ कोरोना है तो दूसरी तरफ भूख। हम तो साहब बस मरने जैसे हालात से जूझ रहे हैं… जब तक सांस है, तब तक आस है.. हम चलते रहेंगे अपनी मंजिल की ओर.. अपने घर की ओर।
रविवार को मुंबई के पनवेल से ट्रक के जरिए पश्चिम सिंहभूम जा रहे अफरोज ने बताया कि वो वहां मजदूरी का काम करता था। अफरोज ने बताया कि उसके साथ 40 आदमी और हैं जिनमें चाईबासा के भी कुछ लोग हैं। उसने बताया कि ट्रक वाले ने एक आदमी का 3600 रुपए किराया लिया है। कुल एक लाख 44 हजार रुपए ट्रक वाले ने लिए हैं। अफरोज ने बताया कि रास्ते में खाने-पीने का कोई प्रबंध नहीं किया। रास्ते में पुलिस कर्मियों ने उनकी सहायता की है। वहीं कुछ मजदूर पलामू में देखे गए। सभी सरायकेला-खरसांवा के निवासी हैं। पूछने पर उन्होंने बताया कि वे रायपुर में मजदूरी करते हैं। काम बंद हो जाने के बाद वे सभी रायपुर से गिट्टी के ट्रक में बैठकर यहां पहुंचे। जिसके बाद पुलिस ने उन्हें रोक लिया। फिर वे ट्रक से उतरकर पैदल ही सरायकेला खरसावां की ओर चल पड़े।


तस्वीर जमशेदपुर के सोनारी बाजार की। रविवार को बाजार में लोगों की भीड़ देखने को मिली। स्थानीय लोगों के मुताबिक, बाजार में मछली और मांस की दुकानें खुलने से भीड़ बढ़ने लगी है।
वहीं शहर में कुछ ऐसे मजदूर भी दिखे जो सड़क किनारे बंद दुकानों के आगे छांव में लेटे और बैठे दिखे। पूछताछ करने पर पता चला कि सभी यूपी के गोरखपुर के रहनेवाले हैं। लॉकडाउन होने के बाद वे सभी फंस गए थे। कोई मदद न मिलता देख घर के लिए रवाना होना उचित समझा। उन्होंने बताया कि वे आंध्र प्रदेश के राजमुंदरी में काम करते थे। मजदूरी भी नहीं मिली थी लेकिन जो कुछ जेब में था, उसी पर भरोसा कर बस घर के निकल गए। रास्ते में जमशेदपुर पहुंचने पर काफी थक गए थे, जिसके बाद आगे न बढ़कर यहां आराम करने लगे।
उधर, जमशेदपुर शहर में दो कोरोना वायरस संक्रमित मिलने के बाद भी सब्जी मंडियों में रोजाना सुबह भीड़ जुट रही है। शहर के खंरगझार मार्केट, सोनारी मार्केट में भीड़ देखी गई। हालांकि चिलचिलाती धूप और प्रशासन की ओर से वायरस के संक्रमण से बचने की अपील पर सभी 10 बजे तक घरों की ओर लौट गए। वहीं शहर के सोनारी एयरपोर्ट जाने वाली और साकची मुख्य सड़क पर 11 बजे के बाद सन्नाटा पसर गया।