बरिष्ठ पत्रकार
सियाराम मिश्रा MVD INDIA NEWS ED
कांग्रेस के 10000 से अधिक प्रांत और राष्ट्र स्तर के नेता अब तक गंगा जी में और कुंभ में स्नान कर चुके हैं और पूरी निष्ठा से अनेक धार्मिक कर्मकांड करते हैं। सब भागवत आदि सुनते हैं ,,कथा प्रवचन आदि सुनते और कराते हैं ।
यहां तक कि वैदिक विद्यालय और पाठ शालाओं को दान दान देते और दिलाते हैं।
परंतु राजनीति में विधिक कार्य का महत्व है।
संविधान के स्तर पर जो काम क्षण भर में हो सकता है उस काम को करने के लिए इन सब कर्म कांडों का सहारा लेना वैसा ही है जैसा गंगा जी को पार करने के लिए नाव में बैठने की बजाय कोई हठयोग की साधना कर खड़ाउ से लहरों पर चलता हुआ पार जाने की सोचे ,जैसा स्वामी विवेकानंद ने उदाहरण भी दिया था।
वह सोचता ही रह जाएगा।
लाख बार गंगा स्नान से कोटि कोटि हिंदुओं के साथ हो रहे अन्याय को बंद करने को एकाकार नहीं किया जा सकता।दोनों अलग अलग महत्वपूर्ण कार्य हैं।





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