April 17, 2026

हिरण पार्क में रहने वाले 70 हिरणों व दो पालतू हाथियों को भोजन की समस्या आ खड़ी हुई- अजय मिश्रा

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जमशेदपुर । बीते पांच माह से सरकार द्वारा फंड जारी नहीं करने के कारण दलमा वन्य प्राणी आश्रयणी के हिरण पार्क में रहने वाले 70 हिरणों व दो पालतू हाथियों को भोजन की समस्या आ खड़ी हुई। बता दें कि दलमा के मकुलाकोचा में मृग प्रजनन केंद्र हैं जहां हिरणों को प्रतिदिन भोजन के रूप में चोकर, मकई, दर्रा, राहड़ चुन्नी, पुआल कुट्टी, कैटल फीड आदि दिया जाता है। बड़ी मात्रा में हिरणों का भोजन आने के बाद अब दुकानदारों का लाखों रुपये बकाया हो गया है। अब दुकानदारों ने हिरणों का चारा और उधार देने के लिए अपना हाथ खड़ा कर दिया है।
यही नहीं दलमा के मकुलाकोचा प्रवेश द्वार पर सैलानियों का आकर्षण का केंद्र बने पालतू हाथियों के लिए हरा मकई, गन्ना व केला, लौकी में भी पैसा के अभाव में कमी कर दी गयी है। दलमा वनय प्राणी आश्रयणी कें डीएफओ चंद्रमौली प्रसाद सिन्हा व दलमा के रेंजर दिनेश चंद्रा कहते हैं कि अब तक तो किसी तरह चारा उधारी में ले लिया गया है, मजदूरों, ट्रेकरों, रसोइया का भी पांच माह से वेतन नहीं मिला है, जिसके कारण प्रतिदिन लोगों की बात सुननी पड़ रही है। रेंजर दिनेश चंद्रा कहते हैं कि सोमवार को भी चांडिल के कई लोग आ गए और वेतन की मांग करते हुए धमकी भी देने लगे, किसी तरह लोगों को समझा बुझा कर शांत कराया

18 लाख रुपये से अधिक की हो गयी है उधारी
मृग प्रजनन केंद्र के हिरणों व पालतू हाथियों के चारा के मद में करीब पांच लाख रुपये, दलमा में चलने वाले वाहनों का पेट्रोल मद में तीन लाख रुपये से अधिक का बकाया। इसके अलावा कुल 55 डेली मजदूरों का पांच माह का वेतन के मद का बकाया 10 लाख रुपये से अधिक है। इस संबंध में पूछने पर दलमा के अधिकारियों का कहना है कि करीब डेढ लाख पौधा भी लगाया गया है, फंड के अभाव में उसका निकौनी भी नहीं हुआ है। यानि घास पात निकालने के सााथ उसकी कोड़ाई नहीं हुआ है, जोकि जरुरी है। अब तक 18 लाख रुपये से भी अधिक की उधारी हो गया है। जिसके कारण दलमा के अधिकारियों के साथ ही काम करने वाले मजदूरों का भी हालत खराब है