माना कि पत्रकारिता का ये मतलब नही कि केवल किसी कि कमियों को उजागर करते रहो। मगर सच को छिपाया भी तो नही जा सकता है। सच को छुपाने वाले एंकरों की कमी इस देश में कहा है। आप किसी भी समय अपने चैनल्स को बदल के तो देखे कई खुबसूरत कपड़ो से सजे रंग बिरंगी टाई लगा कर बैठे लोग अपनी बात में देश का सबसे उर्जावान मंत्री पियूष गोयल को सिद्ध कर रहे होंगे। हकीकी ज़मीन पर इसकी सच्चाई की परत तब खुलती है जब आप किसी ट्रेन से एक खास मकसद से जा रहे होते है। ट्रेन घंटे नहीं घंटो की लेट लतीफी के साथ चल रही हो। उसी दौरान उस रेल के महकमे के सरपरस्त मिनिस्टर सियासी पाँव को फैलाते हुवे नेटवर्क के बढाओ पर लम्बी चौड़ी तक़रीर कही दे रहे होते है। या फिर शायद अपने प्रवचनों से सोशल मीडिया पर खुबसूरत पोस्ट कर रहे होते है।





More Stories
यूपी विद्युत नियामक आयोग ने 8 मई को बुलाई बड़ी बैठक –
यूपी में 4 मई को होने वाले निकाय चुनाव के मतदान से पहले भारत-नेपाल की सीमा को किया जाएगा सील-
सीआईएसएफ की परीक्षा में पकड़े गए दो मुन्ना भाई-