ब्यूरो रिपोर्ट। सूबे के मुखिया यूपी में कानून व्यवस्था को लेकर कितना भी कह लें मगर तस्वीर उनके कहे के विपरीत ही नजर आ रही है। कानपुर कांड के बाद गाज़ियाबाद के पत्रकार की घटना से ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि बदमाशों के हौसले कितने बुलंद है तो दूसरी ओर पुलिस पर ये घटनाएं कहीं ना कहीं सवालिया निशान लगा रहे हैं। ऐसा ही एक और मामला यूपी के अलीगढ़ का है ,जहां पेड़ लगाने के मामूली विवाद के बाद एक पक्ष ने ताबड़तोड़ गोलिया चला दीं, जिसमें दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं घटना के 15 दिन बाद भी पुलिस ने अपराधियों को गिरफ्तार नहीं किया है। इसी बात से नाराज परिजन घायल व्यक्ति को चारपाई पर लेकर एसएसपी ऑफिस पहुँच गए और एसएससी ऑफिस के गेट पर घायल को लिटा कर अपने नाराजगी को जाहिर किया।
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