सरैयाहाट:-(दुमका)/झारखंड
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*सरैयाहाट बी.आर.सी. के नए बी.ई.ओ.-सह-नवघोषित डी.डी.ओ. ने एक मिडिल स्कूल की अकेली बीमार कार्यरत शिक्षिका की सैलरी रूकवाकर मानवता को किया शर्मसार*
■ दुमका जिले के सरैयाहाट प्रखंड के दो आवंटित शिक्षकों वाले उ0 म0 वि0 खोजवा में वर्षों से अकेली कार्य करने पर मजबूर कर दी गई शिक्षिका-सह-सचिव अनिता पाठक से जानबूझकर अंधाधुंध काम लिए जाने से गंभीर रूप बीमार हो जाने के कारण अस्वस्थ अवस्था में भी हफ्तों तक लगातार स्कूल में ड्यूटी करते रहने से अचानक तबियत बिगड़ जाने पर छुट्टी के लिए अनुरोध करने के बाद आवेदन लेकर बी.आर.सी.बुलाई गई शिक्षिका को नवपदस्थ बी.ई ओ. श्रीमति बीना रानी ने शिक्षिका को अगले दिन आने की बात बोलते हुए , की थीं डांट-फटकार ।
■ इस प्रखंड के कई शिक्षक/शिक्षिकाओं से बातचीत से जानकारी मिली है कि 10% कमीशन पर ही किसी स्कूल के काम के कागज पर हस्ताक्षर करने को राजी वर्तमान बी.ई.ओ. श्रीमति बीणा रानी के द्वारा अवैध उगाही के मंशे से कई स्कूलों को बेवजह स्पष्टीकरण भेजने का काम किया जा रहा है , जिसपर जांच होना आवश्यक है ।
■ शारीरिक रूप से बेचैन हो रही शिक्षिका को उनके परिजनों द्वारा शीघ्र दुमका के फूलो झानो मेडिकल अस्पताल में इमरजेंसी डाॅक्टर को दिखाए जाने पर डाॅक्टर ने भर्ती के लिए तुरंत किया था “महिला इमरजेंसी वार्ड” में एडमिट ।
■ अस्पताल के बेड पर ईलाजरत शिक्षिका को भी बी ई.ओ.द्वारा सी.आर.पी. के माध्यम से फोन पर पूछवाया जा रहा था “कबतक छुट्टी में रहने तक का डेट” ।
▪️20 नवंबर को अस्पताल में भर्ती हुई शिक्षिका के द्वारा अपने परिजन के माध्यम से दो-चार दिनों के बाद नवंबर के अंतिम सप्ताह में ही भेजवाई थी वेतन हेतु मासिक अबसेंटी से संबंधित 4 पृष्ठ का पूर्ण दस्तावेज । जिसे डी.डी.ओ.के मैसेन्जर के मोबाईल में तत्काल व्हाट्सऐप करते हुए विद्यालय पर्यवेक्षक के घर पर रखवा दिया गया था हार्ड काॅपी ।
■ 8 दिनों के गहन ईलाज के बाद स्वास्थ्य में थोड़ा सुधार महसूस होने पर डाॅक्टर द्वारा कम-से-कम हफ्ता-दस दिन तक घर पर आराम करने की सलाह देते हुए रोगी के अनुरोध पर डाॅक्टर ने अस्पताल से किया था डिस्चार्ज और बाहर बड़े अस्पताल में ईलाज कराने की मिली थी सलाह ।
■ पूर्ण रूप से स्वस्थ न होते हुए भी कमजोरी की हालत में पुनः 5 दिसंबर से अकेली स्कूल को संभाल रही शिक्षिका को इस माह के सबों के लिए विलम्ब वेतन(13 तारीख) से भी वंचित किया गया ।
▪️बीमार और लाचार शिक्षिका के द्वारा सारी औपचारिकताओं को पूरा करने के बावजूद भी , किस कारण से उनके वेतन को रोका गया , और वेतन के अभाव में अस्वस्थ शिक्षिका के साथ अनहोनी की स्थिति के जिम्मेदार कौन होंगे , उनके ऊपर आवश्यक कार्रवाई हेतु जिले के सक्षम पदाधिकारी को सूचित करते हुए शिक्षिका के खाते में शीघ्र वेतन भुगतान हेतु उच्चाधिकारियों से अनुरोध किया जाएगा ।
ब्यूरो रिपोर्ट, टीम-दुमका

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