सरकार को भारी भरकम राजस्व दे रहे अनपरा रेंज के राजस्व संग्रह केंद्र की शिकायत के पीछे मकसद है अपनी राजनीति चमकाना ! क्राइम इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो की पड़ताल में शिकायत झूठी और निराधार पाई गयी!

सोनभद्र! अनपरा थाना क्षेत्र अंतर्गत स्थित वन विभाग के राजस्व संग्रह केंद्र पर वाहनों से नियमानुसार जमा हो रहा राजस्व प्रदेश सरकार के खजाने को समृद्ध कर उसे और अधिक मजबूत करने में लगा है! वन रेंज अनपरा के जांबाज क्षेत्रीय वन अधिकारी श्री नवीन कुमार राय इलाके में वन अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण बनाये रखते हुये शासन की मंशा के अनुरूप और जिलाधिकारी महोदय सोनभद्र द्वारा समय समय पर सभी विभागों को जारी राजस्व वसूली के लक्ष्य की पूर्ति के लिये प्रभागीय वनाधिकारी श्री मनमोहन मिश्रा जी के कुशल निर्देशन में राजस्व संग्रह केंद्र पर नियमानुसार ही वाहनों से राजस्व प्राप्त करने का कार्य कर रहे हैं! प्रदेश सरकार को सर्वाधिक राजस्व देने वाला जिले का एकमात्र अकेला और प्रदेश का अग्रणी राजस्व संग्रह केंद्र है! अनपरा वन राजस्व संग्रह केंद्र! जो पूरी तरह से सुरक्षित चहारदीवारी के अंदर पुलिस थाने के करीब ही है!
बताते चलें कि वर्तमान समय में प्रदेश की यूपी पुलिस चोर उचक्के दलाल कमीशनखोर छुट भैय्ये नेताओं आदि के लिये काफी सख्त है! थाना करीब होने की वजह से इस राजस्व संग्रह केंद्र पर दलाल व चंदा मांगने वाले जल्दी पास नहीं फटकते!
जब इनकी दाल नहीं गलती तो ये छुटभैय्ये तरह तरह की बेतुकी दलील दे कर वन विभाग के राजस्व संग्रह केंद्र पर वाहनों का जाम और सुरक्षा के ठेकेदार बन कर झूठी व निराधार शिकायत कर रहे हैं! जिससे वन कर्मियों को अपना राजकीय कर्तव्य निभाने में दिक्कत हो रही है! उल्लेखनीय है कि पुलिस थाना और यह संग्रह केंद्र आसपास ही है! जांबाज पुलिस कर्मी हर समय यहां चौकन्नी नजर रखते हुये नियमित चक्रमण करते रहते हैं! फारेस्ट फोर्स के भी बावर्दी जवान इस केंद्र की सुरक्षा में तैनात रहते हैं! जहां तक सड़क पर जाम की बात है तो यह स्थिति तो कमोवेश हर जगह है! औडी़ मोड़ से शक्तिनगर और रेनुकूट बाजार म्योरपुर दुद्धी लगभग सभी प्रमुख सड़क पर थोडा़ बहुत जाम की समस्या आम है! जिसके लिये बकायदा तैनात पुलिस अपना काम बखूबी कर रही है! कुछ लोगो को केवल यहीं के जाम की और सुरक्षा की चिंता क्यों है! यह भी बडा़ अजीब और हास्यास्पद सा लगता है! शिकायत करने वालों की नजर में यह जाम खास क्यों है यह भी इनसे पूंछा जाना चाहिये!
हमारे संगठन के अनेक क्राइम रिपोर्टर मीडिया कर्मी अक्सर उधर आते जाते रहते हैं! उस संग्रह केंद्र पर वैसा जाम कभी नजर नहीं आया! वाहन आये ट्रांजिट शुल्क जमा किया रसीद लिया चले गये! जैसा कि टोल टैक्स आदि पर होता है! यह एक सामान्य प्रक्रिया है इससे आम जन को कोई दिक्कत नहीं होती!
खेद जनक है कि हाल ही में श्री योगी जी ने अपने पार्टी के लोगों
से अपील या यूं कहें कि सख्त हिदायत दी है कि वो ठेकेदारी दलाली कमीशन खोरी आदि धंधे से दूर रहें! इसके बावजूद लोग
उनकी बातों को अनसुना कर मात्र निज स्वार्थ लाभ के लिये ईमानदार कर्मठ अधिकारी कर्मचारी/संस्थानों की बेबुनियाद झूठी निराधार शिकायत करने से बाज नहीं आते! न जाने कौन सा असीम सुख मिल जाता है सरकारी कार्य बाधित कर के!
एक ही बात के लिये बार बार शिकायत करना एक प्रकार से बाधा पहुंचाने जैसा ही हुआ! सरकार को चाहिए कि IGRS का दुरुपयोग को रोके! ताकि सरकारी विभाग पर फर्जी शिकायतों का बोझ कुछ कम हो! और सरकारी कर्मचारी जनहित में और बेहतर तरीके से स्वतंत्र हो कर काम कर सकें!
SM Srivastava
National Advisor
Crime Investigation Buearu

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