May 28, 2026

शहरों में लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशनों की उत्तर प्रदेश सरकार देने जा रही सुविधा-

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*शहरों में लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशनों की उत्तर प्रदेश सरकार देने जा रही सुविधा*

 

*चार्जिंग स्टेशन लगाने के लिए शहरों में दस साल के लिए पट्टे पर दी जाएगी जमीन उत्तर प्रदेश के 17 नगर निगमों की जमीन चिन्हित करने के जारी हो गए हैं आदेश* .

 

*उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों को दे रही है बढ़ावा .इसी के तहत पिछले दिनों इलेक्ट्रिक वाहन नीति को दी गई थी मंजूरी*

 

*शहरी इलेक्ट्रानिक वाहनों की चार्जिंग और स्वैपिंग स्टेशन बनाने के लिए रियायती दरों पर पट्टे पर दी जाएगी भूमि*

 

*सरकारी संस्थानों को 10 साल के लिए एक रुपये प्रति किलोवाट की दर पर दिए जाएंगे पट्टे जबकि निजी संस्थाओं को यह रेवेन्यू शेयरिंग मॉडल पर दस साल के लिए एक रुपये प्रति किलोवॉट की दर पर दिए जाएंगे पट्टे किराया पट्टा अवधि, राजस्व बंटवारा दर और अन्य निर्धारित मानकों के माध्यम से समय-समय पर की जाएगी तय*

 

*प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार वर्ष 2030 तक पूरी तरह से चलाना चाहती है इलेक्ट्रिक गाड़ियां इसके साथ ही पूरी तरह से ई-बसों को चलाने की भी है योजना*

 

*सरकारी जमीन लेने वालों को चार्जिंग के लिए लेना होगा न्यूनतम शुल्क ऐसे संस्थानों का सिलेक्शन सेवा शुल्क को टेंडर के आधार पर किया जाएगा तय*

 

*बीते दिनों मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में उत्तर प्रदेश की नई इलेक्ट्रिक वाहन विनिर्माण और गतिशीलता नीति 2022 को दी गई थी मंजूरी इसके तहत इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद पर प्रदेश सरकार द्वारा ग्राहकों को दी जाएगी भारी सब्सिडी* .

 

*इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन के संबंध में जारी शासनादेश में कहा गया है कि पब्लिक प्लेस, पार्किंग स्थलों, मेट्रो स्टेशनों, पेट्रोल पंपों, सरकारी भवनों, बस डिपो व टर्मिनल, कार्पोरेट भवनों, स्वास्थ्य संस्थानों, शैक्षिक संस्थानों, शापिंग माल के साथ ही वाणिज्यिक स्थानों, ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी आदि में इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग और स्वैपिंग की दी जाएगी सुविधा .इससे प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तौर पर करीब 10 लाख लोगों को मिलेगा रोजगार* .