जनता ने मोदी के मोह में राजकुमार “करेजा पाल” को विधायक तो बना दिया,परन्तु उनकी अंकगणित को दुरुस्त न कर सके.
कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने हेतु आवश्यक वस्तुओं की खरीददारी के लिए अन्य विधायकों की देखादेखी में अपनी विधायक निधि जारी करने के लिए राजकुमार “करेजा पाल” जिलाधिकारी,प्रतापगढ़ को पत्र तो लिख दिया। परंतु अंको में 10लाख रूपए में कितनी बार शून्य लिखा जायेगा,ये भी उन्हें नहीं पता। अब प्रतापगढ़ सदर क्षेत्र की जनता का दुर्भाग्य रहा कि मोदी और योगी लहर में राजकुमार “करेजा पाल” जैसा व्यक्ति भाजपा और अपना दल “एस” का संयुक्त उम्मीदवार बनकर चुनाव की बाजी तो मार ले गया। चुनाव की बाजी मार लेना “करेजा पाल” के लिए किसी लाटरी से कम नहीं रहा। परन्तु “करेजा पाल” में एक जनप्रतिनिधि होने के लिए योग्यता है या नहीं…? ये उनके द्बारा जिलाधिकारी को लिखे गए पत्र को देखकर आप स्वयं अंदाजा लगा सकते हैं कि जब एक विधायक को 10 लाख रूपए में कितनी बार शून्य लिखा जाए, ये ज्ञान नहीं है तो सवाल उठना लाजिमी है कि वह सदर विधानसभा क्षेत्र का विकास क्या खाक करेगा…???





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