इंजीनियरिंग ही नहीं , बल्कि सभी प्रोफेशनल कोर्सेज का एक अनिवार्य हिस्सा है इंटर्नशिप ।आप अपनी शिक्षा के दौरान इंटर्नशिप जितनी अच्छी कंपनी से करेंगे , आपको अपनी इंडस्ट्री के वर्क कल्चर को समझने में उरनी ही आसानी होगी और आप उतने ही बेहतर तरीके से उसे अपना पाएंगे । इंजिनियरिंग के फील्ड में इंटर्नशिप न सिर्फ आपके करियर को एक शेप देता है , बल्कि फाउंडेशन को भी स्ट्राँन्ग बनाता है …उक्त विचार बातचीत के दौरान एमबीसन इन्स्टीट्यूट आँफ टेक्नोलॉजी पड़ाव वाराणसी के निदेशक विवेक मिश्र ने बताया । उन्होंने एक सवाल के जबाब में बताया कि विद्यार्थी अपने कालेज में जो पढ़ा होता है , उसे इंडस्ट्री में प्रैक्टिकली अप्लाई करना एक टफ और चैलेंजिंग टास्क
होता है । पढ़ाई कंप्लीट करने के बाद जाँब करते समय आपकी वर्क प्रोफाइल सेट होती है , लिहाजा उसमें कुछ नया करने की गुंजाइश भी कम होती है । ऐसे में इंटर्नशिप्स आपको कुछ नया करने की आजादी देता हैं ।
एमबीसन इन्स्टीट्यूट आँफ टेक्नोलॉजी कालेज के प्रिन्सिपल उपेन्द्र सिंह ने बताया कि एक स्टूडेंट के तौर पर इंडस्ट्री के काम करने के तरीके का अंदाजा लगाना और असल में काम करना दो अलग बाते हैं , इंटर्नशिप स्टूडेंट्स को प्राब्लम डिफाइन करने , उन्हें साँल्व करने के तरीकों को समझने का मौका देती हैं ,जिसका फयदा आगे जाँब करने के दौरान मिलता है ।
एक आखरी सवाल के दौरान विवेक मिश्र ने बताया कि ज्यादातर इंडस्ट्रीज में टीम्स में एसाइनमेंट्स बांट दिए जाते हैं , जिसे निर्धारित समय में कंप्लीट करना होता है और इसी आधार पर पूरी टीम की एनालिसिस की जाती है । इंटर्नशिप करते समय एस्पिरेंट्स को टीम वर्क की इंपाँर्टेंस का पता चलता है , जिससे विद्यार्थी इंटरपर्सनल स्किल्स में इंप्रूवमेंट कर पाता है । इंटर्नशिप करने के दौरान एस्पिरेंट्स को प्रोफेशनल्स के साथ काम करने का मौका मिलता है । इससे फ्रेशर विद्यार्थियों नेटवर्क स्ट्राँन्ग होता है , जो करियर बिल्डिंग के लिए इंपाँर्टेंट है ।करियर बिल्डिंग के लिए इंपाँर्टेंट हैं ट्रेनिंग :——–
विवेक मिश्र ,
निदेशक ,
एमबीसन इन्स्टीट्यूट आँफ टेक्नोलॉजी पड़ाव , वाराणसी ।

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