
वाराणसी: काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर को लेकर के चल रहे मकानों के ध्वस्तीकरण के दौरान निकलने वाले शिवलिंगों को नाली के किनारे खुले प्लाट मे फ़ेक दिया गया। जिसके बाद से लोगों में इस बात को लेकर के काफी रोष है। वहीं सुबह जब लोगों ने शिवलिंग को ऐसे मलबे में देखा तो वो उनको उठाकर अपने घर लेकर चले गए। इस बात की सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दो मजदूरों को गिरफ्तार किया है।
आपको बता दें कि इन दिनों काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर को लेकर के मंदिर के पास के मकानों को ध्वस्त किया जा रहा है। ध्वस्तीकरण के दौरान काफी संख्या में शिवलिंग मिले हैं। वहीं ध्वस्तीकरण में निकले मलबे को शहर के निचले हिस्से में डाला जा रहा है। वहीं मंगलवार की रात में मलबे को शहर के निचले हिस्से में डाला गया। जहाँ मलबे में ही शिवलिंग को भी डाल दिया गया। सुबह जब राहगीरों की शिवलिंग पर नजर गयी तो वो इस बात को लेकर काफी क्रोधित हो गए। वहीँ इस बात की सूचना पुलिस को दिए। जिसके बाद पुलिस ने दो मजदूरों को गिरफ्तार कर ली है।
शिवलिंग को ऐसे प्लाट पर देखकर कई लोगों ने शिवलिंग को अपने साथ लेकर चले गए। इस मामले को लेकर के स्थानीय पार्षद इंद्र बहादुर पटेल ने अपनी अनभिज्ञता जताया। वहीं मौके पर पहुंचे सपा पार्षद कमल पटेल ने इस मामले में कड़ा विरोध जताया। इस मामले की जाँच की मांग जिला प्रशासन से की है। एक तरफ तो मंदिर को लेकर के ही कॉरिडोर बनाया जा रहा है तो दूसरी तरफ उसी शिवलिंग का इस तरह से अपमान किया जा रहा। काशी की जनता में इस बात को लेकर के काफी रोष है।
रिपोर्टर-कृष्ण मोहन उर्फ बग्गा

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