June 13, 2026

यूक्रेन पर हमले के खिलाफ रूस में सड़कों पर उतरे लोग, हिरासत में लिए गए 1700 प्रदर्शनकारी-

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यूक्रेन पर हमले के खिलाफ रूस में सड़कों पर उतरे लोग, हिरासत में लिए गए 1700 प्रदर्शनकारी

 

 

 

मॉस्को. यूक्रेन पर रूस के हमले (Russia-Ukraine War) का आज दूसरा दिन है. गुरुवार को यूक्रेन के करीब 70 सैन्य ठिकानों पर हमले किए गए. इस बीच यूक्रेन पर हमले को लेकर रूस में भी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है. समाचार एजेंसी AFP के मुताबिक देश के कई शहरों में हज़ारों की संख्या में लोगों ने विरोध मार्च निकाला. इस दौरान करीब 1,700 से अधिक लोगों को हिरासत में भी लिया गया.

 

 

 

मॉस्को, सेंट पीटर्सबर्ग और सुदूर पूर्वी साइबेरियाई शहर नोवोसिबिर्स्क सहित 53 शहरों में प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर उतरकर युद्ध के प्रति अपना असंतोष दिखाया. विरोध प्रदर्शन के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं. सेंट पीटर्सबर्ग और मॉस्को में सैकड़ों लोग सड़कों पर दिखे. जबकि मध्य रूस के चेल्याबिंस्क जैसे छोटे शहरों में भी लोग हमले के खिलाफ आवाज़ें उठा रहे हैं.

 

 

 

 

 

बेहद डरे हैं लोग

कहा जा रहा है कि मॉस्को में करीब 900 लोगों को हिरासत में लिया गया. सोशल मीडिया पर अपलोड किए गए वीडियो में देखा जा सकता है कि भारी हथियारों से लैस पुलिस सड़कों पर गश्त लगा रही है. कार्नेगी अनुसंधान संस्थान के एक वरिष्ठ साथी और रूस के विशेषज्ञ पॉल स्ट्रोन्स्की ने कहा कि लोग बेहद डरे हैं. कोई भी युद्ध नहीं चाहता है.

 

 

मॉस्को में 900 लोग हिरासत में

जेल में बंद विपक्षी नेता एलेक्सी नवालनी, जो पुतिन के खिलाफ रूस के सबसे बड़े विरोध प्रदर्शनों को लामबंद करते थे, वो मॉस्को के बाहर एक जेल में ढाई साल की सजा काट रहे हैं. लिहाज़ विरोध प्रदर्शन संगठित तौर पर नहीं हो रहे हैं. OVD इंफों जो विपक्षी रैलियों में गिरफ्तारी पर नज़र रखता है, उके मुताबिक 53 रूसी शहरों में लगभग 1,700 लोगों को हिरासत में लिया गया है. मॉस्को में 900 से अधिक और सेंट पीटर्सबर्ग में 400 से अधिक गिरफ्तार किए गए है.

 

 

‘हम नहीं चाहते युद्ध’

सेंट पीटर्सबर्ग में 48 साल के इंग्लिश के टीचर यूलिया एंटोनोवा ने कहा, ‘बेशक, मैं युद्ध नहीं चाहता. मैं नहीं चाहता कि लोग मरें.’ सेंट पीटर्सबर्ग में रहने वाले विक्टर एंटिपोव ने कहा कि वो पुतिन की रणनीति का समर्थन नहीं करते हैं. उन्होंने कहा, ‘कोई भी युद्ध नहीं चाहता है.’ लेकिन पुतिन की पीढ़ी के कुछ रूसी, जैसे 70 वर्षीय गैलिना समोइलेंको, अपने नेता के साथ खड़े रहे. उसने यूक्रेन के डोनेट्स्क और लुगांस्क के अलगाववादियों के कब्जे वाले क्षेत्रों का जिक्र करते हुए कहा, ‘वह रूसी लोगों और उन गणराज्यों की मदद करना चाहता है,’