यूक्रेन को लेकर क्यों इतना आक्रामक है रूस, आखिर क्या चाहते हैं पुतिन? अमेरिकी एक्सपर्ट्स ने बताई यह बड़ी वजह
वॉशिंगटन: यूक्रेन (Ukraine) के खिलाफ रूस की सैन्य कार्रवाई की आशंका को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन (Joe Biden) ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. हालांकि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन (Vladimir Putin) ने यूक्रेन के खिलाफ सैन्य बल के इस्तेमाल की बात से इनकार किया है. लेकिन अमेरिका और उसके सहयोगी यूक्रेन की बॉर्डर पर रूसी सैनिकों (Russian Military) की मौजूदगी के कारण लगातार इस बात पर चिंता जाहिर कर रहे हैं. इस गतिरोध को खत्म करने और रूसी सेनाओं की वापसी के लिए कई राजनयिक प्रयास किए गए हैं और प्रेसिडेंट व्लादिमिर पुतिन पर दबाव डाला गया है. हालांकि इन डिप्लोमेटिक प्रयासों के नतीजे ज्यादा बेहतर नहीं मिले.
अमेरिका और उसके सहयोगियों का कहना है कि 1.5 लाख से अधिक रूसी सैनिक यूक्रेन की सीमा से कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर तैनात हैं और हमले के लिए तैयार हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने शुक्रवार को बयान दिया कि रूस यूक्रेन पर दिनों के भीतर हमला कर सकता है. अमेरिका का यह अनुमान खुफिया एजेंसियों द्वारा किए गए आकलन और मैक्सार टेक्नोलॉजीज द्वारा जारी सैटेलाइट इमेज पर आधारित है.
इन इमेज से पता चलता है कि 2014 में यूक्रेन से रूस द्वारा जब्त किए गए क्षेत्रों में ओपुक और येवपटोरिया रेलयार्ड में सैनिक मौजूद हैं. इसके अलावा डोनुज़्लाव और नोवोजर्नोये झील के इलाकों में बख्तरबंद वाहनों और टैंक दिखाई दे रहे हैं. रूस ने यूक्रेन को तीन तरफ से घेरने के लिए मिलिट्री एक्सरसाइज के लिए सैनिकों को बेलारूस भी भेजा है. पश्चिमी देशों का कहना है कि जब तक मास्को की सुरक्षा मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक वह हमले करने के लिए तैयार रहेगा.
वरिष्ठ खुफिया अधिकारी और पॉलिसी एडवाइजर फियोना हिल के अनुसार, जिन्होंने डॉनल्ड ट्रम्प प्रशासन के कार्यकाल में अपनी सेवा दी, उन्होंने कहा कि पुतिन सालों से यूक्रेन पर पकड़ बनाने की कोशिश कर रहे हैं. न्यूयॉर्क टाइम्स से बातचीत में फियोना हिल ने कहा कि, पुतिन ने 2006 में यूक्रेन को गैस सप्लाई बंद कर दी. वह 22 साल से सत्ता में है और इस दौरान उन्होंने यूक्रेन को अलग-अलग तरीकों से घेरने की कोशिश की.
फियोना हिल ने कहा कि, पुतिन वह राष्ट्रपति बनना चाहते हैं, जो अपने कार्यकाल में यूक्रेन को रूस में शामिल कर ले और इसके जरिए वह 2036 तक रूस की सत्ता में बने रहे.
विदेश मामलों से जुड़े जानकारों का कहना है कि पुतिन चाहते हैं कि रूस की परिधि के सभी देश रूस समर्थक हों और यही कारण है कि यूक्रेन की सरकार द्वारा पश्चिमी देशों के नेतृत्व वाले NATO के साथ गठबंधन के प्रस्ताव ने उन्हें नाराज कर दिया है.
अमेरिका की खुफिया एजेंसी CIA में रूस से जुड़े मामलों के प्रमुख रहे जॉन सिफर ने सीएनएन से कहा कि, पुतिन चाहते हैं कि उसकी विरासत अतीत के जार या सोवियत संघ के प्रमुखों की तरह हो. वह रूस को एक ऐसे स्तर पर ले जाना चाहते हैं, जहां वैश्विक मंच पर उसे सम्मान मिले और उसके डर के कारण अन्य देश रूस के साथ गंभीरता से व्यवहार करें.
हालांकि मास्को ने अपने यूक्रेन पर हमला करने की योजना से इनकार किया है लेकिन वह इस बात की गारंटी की मांग कर रहा है कि यूक्रेन कभी NATO में शामिल नहीं होगा और पूर्वी यूरोप से सेना को हटा देगा. लेकिन पश्चिमी देशों ने इन मांगों को मानने से इनकार कर दिया है.





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