“मेरी कविता जंग का ऐलान है, पराजय की प्रस्तावना नहीं।
वह हारे हुए सिपाही का नैराश्य-निनाद नहीं, जूझते योद्धा का जय-संकल्प है।
वह निराशा का स्वर नहीं, आत्मविश्वास का जयघोष है।”
भारतीय राजनीति के युगपुरुष, हमारे प्रेरणा स्रोत पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती पर उन्हें शत् शत् नमन।
समस्त देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं।

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