July 6, 2026

फैजाबाद जनपद में अभियुक्त साजिद ने अपने पत्नी अंजना उर्फ सलमा के भरोसे को तोड़ते हुए चुपके से किसी अन्य महिला से विवाह कर लिया, कोर्ट के द्वारा 5 बार नोटिस भेजे जाने के बाद भी साजिद की तरफ से कोई रुचि केस को लेकर नहीं- राजू मिश्रा

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*वर्ष 2013 में पीड़िता अंजना पुत्री प्रीतम औरिलाल जब फैजाबाद जनपद में अभियुक्त साजिद से मिली और प्यार की पेंगो में झूलने लगी तब कौन जानता था कि स्वयं को आर्मी का जवान बता करके यह व्यक्ति केवल उसका शरीर ही नोचेगा इसने न केवल शादी का झांसा दिया बल्कि यह भी बताया कि हम एक दूसरे के साथ पूरे भरोसे और विश्वास को कायम करते हुए पति-पत्नी के रूप में रहेंगे ऐसे ही झूठे आश्वासनों को देते हुए कब 7 वर्ष गुजर गए इसका पता ही नहीं चला। अंजना ने अपना क्रिश्चियन धर्म छोड़कर साजिद के लिए इस्लाम धर्म ‘सलमा’ नाम के साथ कबूल किया और इस्लामिक रीति रिवाज के तहत निकाह कायम किया आपको यहां बता दें हैं कि निकाह कराने वाला काजी भी शाहपुर आवास विकास कॉलोनी पानी टंकी के पास स्थित मोहल्ला घोसीपुरवा मदरसा का रहने वाला है

 

किंतु जब निकाहनामा की बात आई तो अभियुक्त ने पुनः भरोसे का आश्वासन देकर कागज देने से मना कर दिया फिर भी पीड़िता की जिद्द पर इसने 24 नवंबर, 2020 को कलेक्ट्रेट कचहरी गोरखपुर में राकेश पांडे पुत्र श्री दयाल पांडे निवासी आवास विकास कॉलोनी शाहपुर गोरखपुर, मोनी गुप्ता पत्नी अजय गुप्ता पुत्र सहदेव गुप्ता निवासी आवास विकास कॉलोनी शाहपुर, पुनम पांडे पत्नी राकेश पांडे तथा मोहल्ले के अन्य रिश्तेदारों के साथ कलेक्ट्रेट कचहरी गोरखपुर में एसपी मिश्रा अधिवक्ता नोटरी मजिस्ट्रेट के समक्ष उपस्थित होकर उपरोक्त गवाहों के समक्ष निकाह का इकरारनामा तैयार कराया।

 

 

*इसके बावजूद साजिद ने अपने पत्नी अंजना उर्फ सलमा के भरोसे को तोड़ते हुए चुपके से किसी अन्य महिला से विवाह कर लिया इस गतिविधि की जब अंजना को सूचना मिली तो यह गोरखपुर से 5-5 बार ग्राम काजीपुर, थाना पटहेरवा स्थित कुशीनगर जिले में अपने हक को पाने के लिए गई किंतु वहां इसके ससुराल के लोगों जिसमें इसके ससुर साहब अंसारी, देवर माजिद अंसारी, नंद हसीना अंसारी, सास मेहरून्निसा सहित उसके पटिटदारों- मूमताज अंसारी, इंतजार अंसारी, नूर आलम ने न केवल इसे भद्दी-भद्दी गालियां दी बल्कि मारने पीटने पर उतारू हो गए। यह तो भला हुआ कि अंजना ने डायल 112 के सिपाहियों को कॉल करके पहले ही बुला लिया था वरना कुछ भी हादसा हो सकता था।

 

 

संपूर्ण घटना के संबंध में पीड़िता ने 23 फरवरी 2021 को थाना शाहपुर जिला गोरखपुर में एफ आई आर दर्ज करवाया तथा कोर्ट ने दी अपने भरण-पोषण तथा न्याय के लिए मुकदमा दायर किया कोर्ट के द्वारा 5 वाट नोटिस भेजे जाने के बाद भी साजिद की तरफ से कोई रुचि केस को लेकर नहीं दिखाइए इसके विपरीत यह व्यक्ति अंजना को अपने गांव मोहल्ले में बदनाम करने तथा सोशल साइट्स के माध्यम से भी उसे बेइज्जत करने का कार्य करता रहा इसकी भी सूचना पुलिस साइबर सेल गोरखपुर में दाखिल की गई, किंतु कोई सकारात्मक कार्यवाही नहीं हो सकी। थक हार कर अंजना ने प्रेस क्लब गोरखपुर में न्याय पाने के उद्देश्य से प्रेस कॉन्फ्रेंस ही किया किंतु यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सीएम सिटी गोरखपुर यह महिला न्याय के लिए दर-दर की ठोकरें खा रही है किंतु आज तक ऐसा कोई कदम प्रशासन की तरफ से नहीं उठाया गया जिससे पीड़िता को आत्मिक बल मिल सके। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिस व्यक्ति ने सारा अपराध किया वह खुले समाज में घूम रहा है बार-बार यही कहकर घूमता फिरता रहता है कि मैं आर्मी का जवान हूं मेरा कोई कुछ नहीं कर सकता। पीड़िता ने साजिद के कर्नल श्रीनिधि और अन्य अधिकारी बीजू, के चिननाराव से भी शिकायत किया किंतु इन लोगों ने उसे सिर्फ आश्वासन देकर टाल दिया कार्यवाही के नाम पर इन लोगों ने भी इस महिला को सिर्फ भावनात्मक रूप से छला है। हमारे देश में आर्मी को जिस सम्मान के नजरिए से देखा जाता है इन अधिकारियों का इस तरीके का बेरुखी भरा व्यवहार कहीं ना कहीं आम लोगों को निराश करता है