नई दिल्ली : सरकार डेडिकेटेड फ्रेट कोरिडोर (डीएफसी) बनने के बाद मालगाड़ी चलाने के लिए प्राइवेट कंपनियों को शामिल करेंगी। अभी देश में केवल भारतीय रेलवे ही मालगाड़ी चलाती है। गौरतलब है कि सरकार ने 2023 तक प्राइवेट यात्री ट्रेनों को चलाने का फैसला किया | ट्रेन चलाने के लिए 16 कंपनियों ने रुचि दिखाई है। सरकार रेलवे ट्रैफिक को कम करने और सामान की सुगम डिलीवरी के लिए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर बना रही है। 80 हजार करोड़ से ज्यादा की लागत से डीएफसी के दो कॉरिडोर पहले चरण में बन रहे हैं। वेस्टर्न कॉरिडोर का 350 किलोमीटर का हिस्सा रेलवे ने तैयार कर लिया है और इस ट्रायल के बाद वेस्टर्न कॉरिडोर के हिस्से में माल की आवाजाही जल्द ही शुरू हो जाएगी । वेस्टर्न कॉरिडोर नोएडा के दादरी से शुरू होकर मुंबई की जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट तक बन रहा है। दूसरे चरण में 6 नए कॉरिडोर बनने हैं। यानी देश के चारों हिस्सों को डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से जोड़ा जाना है।

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