April 25, 2026

प्रयागराज में आटो व ई-रिक्‍शा के रंगों से होगी रूट की पहचान, जाम से छुटकारा भी मिलेगा-

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प्रयागराज में आटो व ई-रिक्‍शा के रंगों से होगी रूट की पहचान, जाम से छुटकारा भी मिलेगा-

 

प्रयागराज- प्रयागराज मंडल में सड़कों को जाम से मुक्‍त करने यानी भीड़ कम करने के‍ लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इसके तहत आटो, टेंपो एवं ई-रिक्शा को शत-प्रतिशत रजिस्ट्रेशन एवं डिविजन आफ एरिया करने के भी निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए आटो-टेंपो व ई-रिक्शा में कलर कोडिंग तथा स्टीकर लगाए जाएंगे। यानी अलग-अलग मार्गों के लिए निर्धारित रंगों के ये वाहन चलेंगे।

 

कलर कोडिंग व नंबर के मुताबिक अलग-अलग क्षेत्रों में चलेंगे वाहन : सिविल लाइंस में लाल रंग के आटो-टेंपो व ई-रिक्‍शा चलेंगे। वहीं करेली में हरे रंग, अलोपीबाग-दारागंज में पीले, तेलियरगंज में नीले, धूमनगंज में सफेद, कचहरी क्षेत्र में काले रंग की कोडिंग और नंबरिंग वाले आटो-टेंपो चलाने का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। जिस आटो-टेंपो की जो कलर कोडिंग व नंबरिंग होगी, उसी के मुताबिक उस क्षेत्र में चलाए जा सकेंगे।

 

मंडलायुक्‍त व एडीजी ने सड़क सुरक्षा की बैठक में लिया निर्णय : प्रयागराज के आयुक्त कार्यालय स्थित गांधी सभागार में मंडलायुक्त संजय गोयल एवं एडीजी प्रेम प्रकाश की अध्यक्षता में मंडलीय सड़क सुरक्षा की बैठक में यह निर्णय लिया गया। तय हुआ कि हर क्षेत्र में अलग कलर कोडिंग वाले टेंपो-आटो ही चल सकेंगे। आप ऐसे भी समझ सकते हैं कि यदि रेड कलर के टैग वाले 100 टेंपो को सिविल लाइन एरिया में चलाने की अनुमति दी जाती है तो सिर्फ एक से 100 नंबर वाले रेड टैग आटो-टेंपो ही वहां चलाए जाएंगे।

 

अवैध आटो-टेंपो स्टैैंड हटाने को टीम गठित : अवैध आटो-टेंपो स्टैंड को हटाने तथा वैकल्पिक व्यवस्था के लिए एआरटीओ, नगर निगम व ट्रैफिक पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई है। टीम ही अवैध स्टैैंड को हटवाकर इसे सुव्यस्थित करेगी। इसके साथ ही अन्य पार्किंग स्थल भी चिह्नित करने की जिम्मेदारी भी इसी टीम पर है। सभी ई-रिक्शा का भी शत-प्रतिशत रजिस्ट्रेशन कराने को कहा गया है।

 

यह भी जानें

 

– गैर पंजीकृत ई-रिक्शा के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।

 

– ट्रैफिक जंक्शन के 50 मीटर के भीतर ई-रिक्शा रोकने की अनुमति नहीं होगी।

 

– हादसों पर नियंत्रण को फिर चिह्नित होंगे ब्लैक स्पाट

 

– मंडल के सभी जिलों के दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्र आई रैड पर होंगे अपलोड।

 

दुर्घटनाओं में कैजुएलिटी रोकने को ट्रामा सेंटरों में तैनात होंगे एक्सपर्ट : सड़क हादसों पर नियंत्रण के लिए मंडल के चारों जिलों में ब्लैक स्पाट फिर चिह्नित किए जाएंगे। इसके लिए एनएचएआइ, पीडब्ल्यूडी, नगर निगम, पीडीए, आरटीओ समेत अन्य विभागों के अफसरों की टीमें रिपोर्ट तैयार करेंगी। ये टीमें दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्रों तथा पिछले तीन वर्षों में हादसों की लोकेशन की जानकारी इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डेटाबेस (आईरैड) पर अपलोड करेंगी।

 

प्रयागराज, कौशांबी, प्रतापगढ़ व फतेहपुर के लिए निर्देश : मंडलायुक्त ने ब्लैक स्पाट्स चिह्नीकरण प्रक्रिया को और बेहतर बनाने के लिए प्रयागराज के एसएसपी, प्रतापगढ़, फतेहपुर व कौशांबी के एसपी को दुर्घटनाओं की लोकेशन आईरैड पर शीघ्र ही अपलोड कराने को कहा। हादसों में घायलों के जीवन को बचाने के लिए ट्रामा सेंटरों में एक्सपर्ट की तैनाती करने व स्टाफ को प्रशिक्षित कराने को कहा। ओवरलोडिंग को सोर्स से खत्म करने को कहा गया। उदाहरण के तौर पर जहां खनन हो रहा है, वहां पर ही ओवरलोडिंग पर नजर रखी जाए। बैठक में आइजी डा. राकेश सिंह, नगर आयुक्त रवि रंजन, आरटीओ प्रवर्तन राजकुमार सिंह, एसपी, एआरटीओ प्रवर्तन प्रयागराज भूपेश गुप्ता, एआरटीओ प्रशासन राजेश मौर्य, एआरटीओ फतेहपुर सुरेश यादव, एआरटीओ प्रतापगढ़ सुशील कुमार सिंह, एआरटीओ कौशांबी तारकेश्वर मल्ल, ट्रक एसोसिएशन, टेंपो-आटो एसोसिएशन, बीमा कंपनियों व एनजीओ के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

 

फिटनेस फेल स्कूली वाहनों के खिलाफ चलेगा अभियान : मंडलायुक्त ने रजिस्टर्ड स्कूल बसों के मालिकों से कैरेक्टर वेरिफिकेशन सर्टिफिकेट लेने को कहा। स्कूलों में चल रहे अवैध वाहनों (जो स्कूली वाहनों के रूप में रजिस्टर्ड नहीं है) या वे वाहन जो मानक अनुरूप नहीं चलाए जा रहे हैं उनके खिलाफ कार्रवाई को कहा गया। मंडलायुक्त ने मंडल में अब तक कितने रजिस्टर्ड स्कूल बसों का फिटनेस टेस्ट नहीं हो सका है, इसकी सूची तलब की है। कितने प्राइवेट वाहन स्कूलों में चलाए जा रहे हैं पर रजिस्टर्ड नहीं है, उनकी भी सूची तैयार करने को कहा है। इसके लिए एक माह का समय दिया गया है।