June 21, 2026

पंजाब सरकार द्वारा 26 जनवरी को लाल किला हिंसा में गिरफ्तार किए गए 83 लोगों को दो-दो लाख रुपये की आर्थिक मदद देने की घोषणा के बाद राज्य में राजनीति गरमा गई- अजय मिश्रा

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पंजाब सरकार द्वारा 26 जनवरी को लाल किला हिंसा में गिरफ्तार किए गए 83 लोगों को दो-दो लाख रुपये की आर्थिक मदद देने की घोषणा के बाद राज्य में राजनीति गरमा गई है। सरकार ने यह निर्णय विधानसभा कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर लिया है, जिसे विधानसभा के विशेष सत्र के दूसरे दिन की कार्यवाही के खत्म होने से ठीक पहले सदन में पेश किया गया था। अगले चुनाव को देखते हुए मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने ट्वीट कर इन लोगों को आर्थिक मदद देने का दांव खेल दिया। अब इस मामले में जहां पंजाब भाजपा ने केंद्र सरकार से लाल किला हिंसा में कांग्रेस की भूमिका की एनआइए से जांच करवाने की मांग है, वहीं विधानसभा कमेटी की मेंबर और आप की विधायक सरबजीत कौर माणुके ने इस रिपोर्ट से खुद को अलग कर लिया है।वहीं, गत दिवस भाजपा के प्रदेश महासचिव सुभाष शर्मा ने ट्विटर पर अपना वीडियो शेयर कर कहा कि मुख्यमंत्री चन्नी का लाल किला हिंसा के आरोपितों को मुआवजा देने का फैसला साबित करता है कि देश को शर्मसार करने वाली हिंसा कांग्रेस प्रायोजित थी। कांग्रेस हमेशा देश तोड़ने वाली शक्तियों के साथ रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मांग की कि इस हिंसा में कांग्रेस की भूमिका की एनआइए से जांच करवाई जाए।भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुग और प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने चन्नी की घोषणा की आलोचना की। चुग ने कहा कि मुख्यमंत्री चन्नी को पता होना चाहिए कि आरोपितों पर जांच एजेंसियों ने तबाही मचाने का आरोप लगाया है। चुग ने सवाल किया कि मुख्यमंत्री चन्नी और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिद्धू अपनी राजनीतिक भूख के लिए पंजाब में क्या करना चाहते हैं? वहीं अश्विनी शर्मा ने आरोप लगाए कि चन्नी लोगों से लिए गए टैक्स की कमाई देशद्रोहियों पर लुटा रहे हैं। चन्नी का निर्णय दुर्भाग्यपूर्ण और राष्ट्रीय हितों के विरुद्ध है। चन्नी ऐसी घोषणा कैसे कर सकते हैैं, चन्नी बताएं कि उन्हें ऐसे राष्ट्रविरोधी तत्वों पर पंजाब की जनता के टैक्स की कमाई लुटाने का अधिकार किसने दिया?शर्मा ने कहा कि 26 जनवरी को किसान आंदोलन के नाम पर कथित उपद्रवियों और असमाजिक तत्वों ने लाल किले पर गुंडागर्दी कर राष्ट्रीय ध्वज का अपमान किया। 400 के करीब पुलिस जवानों को गंभीर रूप से जख्मी किया और जनता के दिलों को ठेस पहुंचाई। उन्होंने आरोप लगाया कि हिंसा का सारा घटनाक्रम कांग्रेस प्रायोजित था। किसान आंदोलन कांग्रेस की उपज है और चन्नी का इसे खुलकर समर्थन देना इस बात का स्पष्ट प्रमाण है, जिसे कोई झुठलाया नहीं जा सकता। चन्नी लोगों को जवाब दें कि आखिर कांग्रेस राष्ट्रविरोधी तत्वों का साथ क्यों देती है और उनके साथ क्यों खड़ी है?