*धोखाधड़ी के मामले में गीता दुबे सहित अन्य के खिलाफ़ दो और मुकदमा दर्ज करने का हुआ आदेश*
वाराणसी। जमीन का पूरा पैसा लेकर रजिस्ट्री करने के बाद भी कब्जा नहीं देने के मामले में अदालत ने रोहनिया थाना प्रभारी को मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सर्वोतमा नागेश की अदालत ने यह आदेश वादी कैशर अंजुम व पार्वती देवी के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के बाद दिया। प्रकरण के मुताबिक वादी मुकदमा पार्वती देवी व कैशर अंजुम ने अपने अधिवक्ता अभिषेक दूबे के माध्यम से दंड प्रक्रिया संहिता की धारा (156/3) के जरिए अदालत में प्रार्थना पत्र दिया था। आरोप था की वादी पार्वती देवी व कैशर अंजुम ने रोहनिया थाना क्षेत्र के दरेखू में 2090 वर्गफीट जमीन विपिन चंद्र दूबे से 8 जुलाई 2016 को खरीदी थी। इस बीच दो वर्षो तक जब भी वह अपने खरीदे गए जमीन पर जाता था तो वहां बिपिन चंद्र दूबे की पत्नी गीता दूबे अपने कुछ आदमियों के साथ हमेशा वहां मौजूद रहती थी और वीडीए से जल्द ही नक्शा पास हो जाने का झांसा देकर टालमटोल करती थी। इस दौरान विपिन चंद्र की बीमारी के चलते मौत हो गई। वादी जब 8 फरवरी 2022 को पुनः अपनी जमीन पर गया तो गीता दूबे गालियां देते हुए जमीन देने से इंकार कर दिया और कहा जो बैनामा हम लोगों ने कराया था वो सब फर्जी था, कहा कि इस तरह हम लोग कई लोगों को जमीन देने का झांसा देकर उनसे पैसे ऐंठे है। मेरे पति को पैसा दिए हो, जाओ ऊपर जाकर उनसे ले लो। इस मामले में रोहनिया पुलिस द्वारा कोई कार्यवाही नहीं करने पर पीड़ित ने अदालत की शरण ली।
*मुबलिक तीन लाख रुपये देना पड़ेगा, तभी जमीन पर होगा निर्माण*
वहीं प्रार्थी कैशर अंजुम व उनकी मां हुस्ना आरा ने अदालत में प्रार्थनापत्र दिया था कि गीता दूबे व विपीन चन्द्र दूबे, जो अपने आपकों एक डेवलपर बतातें थे, स्वयं व अपनी मां के नाम दो प्लाट आराजी रकबा 189,656 वर्गमीटर व 379.312 वर्गमीटर स्थित मौजा दरेखू राजातालाब में जमीन दिखाया, जिसे प्रार्थी व उनकी माता ने क्रय किया था। बैनामा होने के बाद गिता देवी व विपीन दूबे के साथ स्थानीय व्यक्तियों भी साजिश में शामिल होकर भोले-भाले लोगों को बहला-फुसलाकर प्लाट विक्रय करते थे, निर्माण के लिए टाल-मटोल करते विपीन चन्द दूबे की मृत्यु हो गयी और गीता दूबे प्रार्थी को निर्माण करने देने में आनाकानी की जा रही है। 12 फरवरी 2022 को प्रार्थी अपनी उक्त क्रय की गई भूमि को निर्माण करवाने व जमीन को घेरवाने हेतु गया तो मौके पर अन्य अभियुक्तगढ़ आ गए तो गीता दुबे ने बताया कि जमीन वर्ष 2015 में क्रय किए हो, मेरे पति मर चुके हैं और मुझे फिर से रुपया चाहिए तो तुम्हें मुबलिक तीन लाख रुपये रंगदारी देना होगा, तब जमीन पर कब्जा मिलेगा, मैंने और मेरे पति ने यहा पर बहुत से लोगों को जमीन बेचे हैं, प्रत्येक व्यक्ति को मुबलिक तीन लाख रुपये देना पड़ेगा। उक्त क्रय की गई जमीन पर निर्माण नहीं करने दे रहे हैं और नाजायज रुपयों की मांग कर रहे हैं। जिसकी सूचना मैने स्थानीय थाना रोहनिया को दी, परंतु मुकदमा दर्ज नहीं किया गया और उपरोक्त अभियुक्त गढ द्वारा रूपयों की मांग बराबर की जा रही है। उसके पश्चात प्रार्थनी ने 22 फरवरी 2022 को एक रजिस्टर्ड प्रार्थनापत्र पुलिस आयुक्त वाराणसी को भेजा, परंतु मुकदमा दर्ज नहीं हुआ।

More Stories
यूपी विद्युत नियामक आयोग ने 8 मई को बुलाई बड़ी बैठक –
यूपी में 4 मई को होने वाले निकाय चुनाव के मतदान से पहले भारत-नेपाल की सीमा को किया जाएगा सील-
सीआईएसएफ की परीक्षा में पकड़े गए दो मुन्ना भाई-