October 24, 2026

धर्म के आधार पर एक अलग देश मिल जाने के बाद भी ऐसी क्या वजह थी गांधी के आदर्शो पर चलने वाली सरकारों के खिलाफ़ भी भारत में रोज बम फोड़े जा रहे थे-

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धर्म के आधार पर एक अलग देश मिल जाने के बाद भी ऐसी क्या वजह थी गांधी के आदर्शो पर चलने वाली सरकारों के खिलाफ़ भी भारत में रोज बम फोड़े जा रहे थे और सैकड़ों बेगुनाह मार रहे थे ? कौन सा जुल्म हो रहा था उस समय इन ” तालिबान समर्थ को” पर कि ये उसका बदला ले रहे थे ? तब न तो आर एस एस सत्ता मे था न ही ऐसे उग्र संगठन थे.. किस मक़सद के लिए आतंकी रोज़ भारत में विस्फोट कर रहे थे ?

समझने की कोशिश कीजिये कि इस मानसिकता का मकसद अगर सिर्फ अपने धर्म के लिए अलग देश पाना ही होता तो आज करीब 60 मुल्क़ धर्म के नाम पर पाने के बाद भी इनकी प्यास क्यूं नही बुझी है ?

मकसद बड़ा है इनका ..तभी भारत में दशकों से चले आ रहे “आतंकवाद ” पर ये ” तालिबान समर्थक ” मौन रहते थे .. इनके पर्सनल लड़ाके यहां भारत में सेक्युलर सरकारों के बीच आराम से “तैयार” हो रहे थे .. अब कई सालो से उस मकसद पर लगाम लग चुकी है..इसलिए अब अफगानिस्ता के आतंकियों मे उन्हे “उम्मीद ” नजर आ रही है .. भारत में ” नब्बे प्रतिशत ” से अधिक तालिबान समर्थक निकल के आये है, ये वही है जो यहां फैले आतंकवाद को मौन समर्थक दे रहे थे और अपने ” तालिबानी नक़सद ” की जमीन तैयार कर रहे थे ।

इस लिए याद रखिये कि हम और आप लगातार एक युद्ध मे जी रहे है इनके साथ ..ये युद्ध इन ” तालिबान समर्थको ” की दैनिक जीवन की विचार धारा ” हिस्सा है हम और आप कुछ ही दिनो में इनका ये अपार ” समर्थक” भूल कर फिर से अपने ” इनसानी ” दैनिक जीवन में जुट जाएेगे .. मगर इनका ” युद्ध ” नकारा, वो या तो अपने सारे समर्थ्य के साथ इनसे जूझ रहा है या आज अपने देश की सारी संस्कृति और विचार धारा की तिलांजलि देकर इन को ” नरपिचाश कबीलई शासन ” के अंतर्गत जीने को मजबूर है ।।

🚩🚩 जय श्री राम 🚩🚩

आचार्य मुरली मनोहर सिहं