October 2, 2026

दुर्लभ जीव-जन्तु हो रहे हैं विलुप्ति।

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मुंबई : पेड़ों के कटने से पर्यावरण पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। इसकी वजह से जैव विविधता की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। दुर्लभ जीव-जन्तु विलुप्ति के कगार पर पहुंच चुके हैं। लिहाजा, पर्यावरण को सहेजने के लिए वृक्षों को बचाना होगा विकास की बयार में औद्योगिकरण तेजी से बढ़ रहा है। उद्योगों का बढ़ता यही दायरा प्रदूषण के लिए जिम्मेदार है। दरअसल, वृक्षों के कटान सीधे पर्यावरण पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। इससे ग्लोबल वार्मिंग जैसी समस्या बढ़ती जा रही है, जिसका सीधा असर मौसम पर दिखाई दे रहा है। बेमौसम बरसात और सर्दी के दिनों में गर्म होते मौसम से साफ है कि यदि पर्यावरण के प्रति सचेत नहीं हुए तो परिणाम और भी भयावह होंगे। यही नहीं कम होते पेड़ों का असर जैव विविधता पर भी साफ दिखाई दे रहा है। हर 10 साल में स्तनधारी जीव जंतुओं की एक श्रेणी विलुप्त हो जाती है। जमीन कमजोर हो रही है। कहीं जलस्तर गिरने की समस्या है इसीका के चलते मुंबई उपनगर के गोरेगांव पश्चिम स्थितीत भगतसिंग नगर दो के सामने शेजल टावर के बाहर लगे हुऐ पेडो को अपने निजी फायदे के लिऐ आधी रात मे चोरीचुपके से बैनर दुरी से भी दिखे ओर मोटी रक्कम कि लालच मे कही पेडो को काटने वालो पर स्थानिक मनपा तथा पुलिस प्रशासन इन पर कारवाई क्यों नहीं कर पा रही है ।