June 25, 2026

दादी और नानी संभालेंगी आंगनबाड़ी की कमान*

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*पोषण योजना को मजबूत बनाने के लिए दादी और नानी मातृ समिति में शामिल*

*वाराणसी, 11 मार्च 2019* – सरकार शिशुओं में कुपोषण को लेकर काफी गंभीर है और अब उनको कुपोषण मुक्त करने के लिए एक नया कदम उठाया है जिसके तहत शिशुओं के पोषण को मजबूत बनाने के लिए बच्चों की दादी और नानी को मातृ समितियों में शामिल कर गठन किया जा चुका है। बता दें कि अभी हाल में शासन की ओर से आंगनबाड़ी पर जाँच के लिये नई मातृ समितियों के गठन के निर्देश दिये गये थे। इस समिति में उन महिलाओं को शामिल किया गया है जिनके बच्चे आंगनबाड़ी में पंजीकृत हैं।
महिला व बाल विकास एवं पुष्टाहार की प्रमुख सचिव मोनिका एस॰ गर्ग ने सभी जिला कार्यक्रम अधिकारियों को भेजे पत्र में कहा है कि मातृ समितियों को सक्रिय करने के लिये उनका पुनर्गठन किया जायेगा। हर समिति में 7 से 12 महिलायें शामिल की जायेंगी और प्रयास किया जायेगा कि आंगनबाड़ी केंद्र में पंजीकृत बच्चों की दादी या नानी मातृ समिति में शामिल हों।
जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती मंजु वर्मा ने बताया कि मातृ समितियां निष्क्रिय हो चुकी थीं इसीलिए इन्हें सक्रिय करने के लिये पुनर्गठन के आदेश दिए गए थे। मातृ समिति में बच्चों की दादी या नानी को जोड़ा गया है। उन्होने बताया कि पूरे जनपद में 3,914 आंगनबाड़ी केंद्र हैं जहां मातृ समिति का गठन किया जा चुका है। इससे सबसे बड़ा फायदा यह है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता दादी और नानी की कॉउंसलिंग करके शिशुओं के पोषण के बारे में चली आ रही गड़बड़ी को दूर कर सकेगी। इसके लिये घर की बुजुर्ग महिलाओं को शिशु, किशोरी और गर्भवती महिलाओं के पोषण के लिये जानकारी भी दी जायेगी।
उन्होने बताया शासन की ओर से आंगनबाड़ी केंद्रों पर जन्म से 6 वर्ष तक की आयु के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और 11 से 14 वर्ष की किशोरियों को अनुपूरक पोषाहार, टीकाकरण किया जा रहा है जिससे एनीमिया की दर में कमी आ सके और जिले को कुपोषण मुक्त बनाया जा सके।

*दूध, चाय के साथ कभी न लें आयरन की गोली*
पोषण पखवाड़े के अंतर्गत किशोरी गोष्ठी का आयोजन
*वाराणसी, 11 मार्च 2019* – प्रदेश में कुपोषण को दूर करने के लिए 8 मार्च से पोषण पखवाड़े के रूप में मनाया जा रहा है। प्रत्येक दिन कोई ना कोई दिवस के रूप में मनाए जाने का क्रम लगातार चल रहा है। 8 मार्च को जहां किशोरी दिवस मनाया गया वहीं 10 मार्च को वीरांगना दल द्वारा साइकिल पोषण रैली का आयोजन किया गया।
इसी क्रम में सोमवार को काशी विद्यापीठ ब्लॉक के अंतर्गत चितईपुर प्राथमिक विद्यालय में पोषण पखवाड़े के अंतर्गत किशोरी गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में किशोरियों को संतुलित आहार, नियमित आयरन की गोली, माहवारी के समय स्वच्छता एवं सतर्कता के बारे में जानकारी दी गयी।
इस अवसर पर मौजूद सहायक शिक्षक रश्मि देवी ने बताया कि गहरे हरे रंग की पत्तेदार सब्जियां, मूंगफली, अंडे, मशरूम, मटर व फलियां, चोकर वाला आटा, आलू, दालें, सूखे मेवे, बाजरा, गुड़, गोभी, शलजम, अनानास, मौसमी फल एवं अंकुरित चना इन सभी के सेवन से फोलिक एसिड एवं विटामिन ए की कमी पूरी होती है।
आंगनबाड़ी शैल सिंह ने गांव में ही उपलब्ध खाद्य पदार्थ एवं सामग्रियों से ही किशोरियों में खून की कमी को दूर करने के उपाए बताये। उन्होने बताया कि सामान्यतः महिलाएं व लड़कियां आयरन की गोलियों का सेवन दूध व चाय के साथ करती हैं, जो कि गलत है इससे शरीर में आयरन का अवशोषण कम हो जाता है। जबकि आईएफए (आयरन फॉलिक एसिड) टेबलेट का सेवन विटामिन सी युक्त आहार जैसे नीबू, संतरा, आंवला आदि के साथ किया जाना चाहिए जिससे आयरन का अवशोषण शरीर में सुचारु रूप से हो सके।
उन्होने बताया कि भोजन में मेथी, पालक, बथुआ, सरसों, गुड़ आदि की मात्रा बढ़ाएँ क्योंकि इसमें आयरन की मात्रा अधिक होती है। अंकुरित दालों को हरी पत्तेदार सब्जियों के साथ पकाकर खाना चाहिए।
इस मौके पर हेडमास्टर दीपा कुशवाहा, सहायक शिक्षक रीना देवी, ममता श्रीवास्तव उपस्थित रहीं।