*दहेज केस में आरोपी के रिश्तेदारों पर मुकदमा चिंताजनक, इसका विरोध होना चाहिए*
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पत्नी द्वारा दहेज उत्पीड़न के सामान्य और सर्वव्यापी आरोपों के आधार पर पति के रिश्तेदारों को मुकदमे से गुजरने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता. कोर्ट ने इसकी वजह बताते हुए कहा कि इससे आरोपी पर एक गंभीर दाग लग सकता है और इसका विरोध किया जाना चाहिए.
जस्टिस एस अब्दुल नजीर और जस्टिस कृष्ण मुरारी ने पीठ ने अपने एक फैसले में कहा, सामान्य और सर्वव्यापी आरोपों पर ऐसी स्थिति नही आनी चाहिए जहां शिकायतकर्ता के पति के रिश्तेदारों को मुकदमे से गुजरना पड़े. एक आपराधिक मुकदमा जिसमें आरोपी अंततः बरी हो जाते है, आरोपी पर गंभीर निशान छोड़ जाते हैं. इस तरह की प्रैक्टिस को हतोत्साहित किया जाना चाहिए.





More Stories
यूपी विद्युत नियामक आयोग ने 8 मई को बुलाई बड़ी बैठक –
यूपी में 4 मई को होने वाले निकाय चुनाव के मतदान से पहले भारत-नेपाल की सीमा को किया जाएगा सील-
सीआईएसएफ की परीक्षा में पकड़े गए दो मुन्ना भाई-