खबर का हुआ असर।
डीसीपी संजीव सुमन के नेतृत्व में काम कर रही विभूतिखंड पुलिस ने पेश की मानवता की मिशाल।
विभूतिखंड थाना प्रभारी चंद्रशेखर ने न केवल पीड़ित की समस्या को सुना।
बल्कि निशुल्क इलाज के बाद साकुशल अपने घर लौटे मा बेटे।
लगभग 2 लाख के पास बने बिल पर मानवता की दृष्टि से बिना पैसे लिए डिस्चार्ज किया गया पीड़ित की माँ को अस्पताल से।
डीसीपी संजीव सुमन के नेतृत्व में लगातार नए कीर्तिमान बना रही लखनऊ कमिश्नरेट की पुलिस।
ऐसी ही मित्र पुलिसिंग की छवि की उम्मीद से प्रदेशवासी निहारते हुए।
कमिश्नर ध्रुवकांत ठाकुर का अनुभव और उनकी काबिल टीम बन रही आमजनमानस के लिए मदद का हाथ।
पैसे के अभाव में भटक रहा था गरीब अपनी माँ के इलाज के लिए।

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