घंटों इंतजार करती रही दूल्हन, मगर न तो दूल्हा पहुंचा, न ही बाराती, जानें- क्या है मामला-
कानपुर देहात के सिकंदरा में हाथों में मेहंदी लगाए और आंखों में कई सपने संजोए युवती घंटों तक दूल्हे और बारात का इंतजार करती रही मगर न तो दूल्हा पहुंचा और न ही बराती-
क्या है मामला?
बरात आने की तमाम तैयारियों में मशरूफ और खुशी के माहौल में परिवार के साथ, बेटी के हाथों में मेहंदी देखना हर पिता का सपना होता है. कानपुर देहात की एक बेटी के हाथों में मेहंदी लगी लेकिन बारात ना आने से एक मातम के माहौल में बदल गई. पूरा परिवार और बारात का इंतजार कर रहे सैकड़ों मेहमानों के सामने एक ऐसी हैरत की बात हो गई|
दरअसल, 10 मई को इस परिवार के घर बारात आनी थी. लेकिन दहेज कम मिलने के चलते ऐन मौके पर दूल्हे के परिवार वालों ने बारात लाने से मना कर दिया. जिसके बाद इस परिवार में मातम का माहौल हो गया. जिसके बाद लड़की वालों ने तमाम मिन्नते की लेकिन लड़के वालों ने बारात ना लाने की बात कहकर फोन काट दिया गया|
कहां से आनी थी बरात?
जिसके बाद लड़की वालों ने पुलिस का सहारा लिया. पूरे मामले की जानकारी पुलिस को दी है. मामला जनपद कानपुर देहात के तहसील सिकंदरा के थाना सिकंदरा के कस्बा राजधान का है. जहां एक युवती होने वाले अपने पति और उसके साथ आने वाली बारात का इंतजार करती रही, ना ही उसका पति आया और ना ही उसकी बारात आई. आया तो सिर्फ लड़के वालों की तरफ से फोन 2 लाख रूपए और दो तब लाएंगे. बारात आगरा के फतेहाबाद से आनी थी. हनुमंत नगर फतेहाबाद का रहने वाला युवक राम लखन राजपूत पुत्र रामसनेही राजपूत से बीते मंगलवार की रात को शादी होनी थी|
कितना चढ़ाया था दहेज?
लेकिन दहेज लोभी रामसनेही दहेज की अतिरिक्त मांग लेकर बारात लड़की के घर नहीं आया. लड़की के पिता ने बताया कि बीती सात तारीख को लड़की पक्ष के द्वारा तिलक तिलक चढ़ा कर तिलक में लड़के द्वारा मांगे गए दहेज की रकम चार लाख 50,000 रुपए नगद चढ़ाया. जिसके बाद 10 तारीख को आने वाली बरात इंतजाम में लग गए थे.
दहेज के लालची लड़के परिवार की तरफ से 50000 रूपए द्वारचार पर देने की बात तय हुई थी. लेकिन बीते मंगलवार की शाम को लड़के पक्ष द्वारा फोन कर 2 लाख रुपए अतिरिक्त की मांग करके बारात लाने से मना कर दिया गया. जिसके बाद शादी का मातम दुख के मातम में बदल गया.
पुलिस ने भी नहीं सूनी बात
लड़की पक्ष के द्वारा इतना दहेज देने के बाद अन्य दहेज की मांग ना पूरी कर पाने की वजह से बरात नहीं आई. जिसकी सूचना उन्होंने लिखित में प्रार्थना पत्र के साथ थाना सिकंदरा पुलिस को दी. तब से लेकर अभी तक सिकंदरा पुलिस लड़की के दरवाजे तक नहीं गई. वहीं मामले की जानकारी जब एसडीएम सिकंदरा महेंद्र कुमार को हुई तो मौके पर पहुंचकर एसडीएम सिकंदरा ने लड़की पक्ष से मामले की पूर्ण जानकारी ली. जिसके बाद उनके द्वारा लड़के पक्ष के खिलाफ एफआईआर लिखा कर पीड़ित को इंसाफ दिलाने का आश्वासन दिया.
क्या बोली पीड़ित?
वहीं पीड़ित से जब इस मामले में बात की गई तो पीड़ित ने बताया कि मेरी शादी होनी थी. लेकिन मेरे दरवाजे ना ही लड़का आया ना इसकी बारात आई. जब पूछा गया कि क्यों नहीं आए तो उसने बताया मुझे ज्यादा जानकारी तो नहीं है. लेकिन मुझे इतना पता है कि उनके द्वारा अतिरिक्त दहेज की मांग की जा रही थी. जो कि हम दे पाने में असमर्थ थे. इससे पूर्व में उनके द्वारा मांगे गए दहेज के 4,50,000 दे दिए गए हैं. दहेज के भूखे लोभी दूल्हा और उसके घर वाले बरात लेकर मेरे दरवाजे नहीं आए|

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