July 9, 2026

कोविड-19 प्रबंधन हेतु गठित टीम-11 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिशा-निर्देश- अजय मिश्रा

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*भाग–दो*

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*कोविड-19 प्रबंधन हेतु गठित टीम-11 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिशा-निर्देश*

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– कोविड संक्रमित की हर एक मृत्यु दुर्भाग्यपूर्ण है। ऐसे सभी लोगों का अन्तिम संस्कार उनकी धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं का पालन करते हुए प्रशासन की देख-रेख में कोविड प्रोटोकॉल का अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। मृतक के परिजनों के साथ संवेदनशील व्यवहार हो। गरीब परिवारों के सदस्यों के अंतिम संस्कार के लिए सरकार द्वारा सहायता राशि देने की व्यवस्था है। पंचायती राज और नगर विकास विभाग इन व्यवस्थाओं को लागू किया जाना सुनिश्चित करें।

 

– कोविड संक्रमित मरीजों और उनके परिजनों के साथ संवेदनशील और मर्यादित व्यवहार किया जाए। निजी चिकित्सालयों में भी इलाज के लिए सरकार ने दरें तय की हैं, उससे अधिक शुल्क न लिया जाए। मनमाने ढंग से शुल्क लिए जाने की शिकायत पर नियम संगत कठोरतम कार्रवाई की जाए। मरीज के परिजनों को मरीज के स्वास्थ्य के संबंध में हर दिन दो बार जानकारी दी जाए।

 

– मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 द्वारा अस्पतालों में भर्ती कोविड संक्रमित मरीजों की स्थिति की निरन्तर जानकारी प्राप्त की जाए। निगरानी समितियां सक्रिय रहें। निगरानी समितियों की समीक्षा व माॅनीटरिंग लगातार हो।

 

– शुक्रवार रात्रि 08 बजे से सोमवार प्रातः 07 बजे तक साप्ताहिक कोरोना कर्फ्यू प्रभावी है। प्रदेश के सभी जिलों में इसे सख्ती से लागू किया जाए। पुलिस पेट्रोलिंग पर रहे। इस अवधि में व्यापक स्वच्छता, सैनिटाइजेशन और फॉगिंग का कार्य कराया जाए।

 

– साप्ताहिक कोरोना कर्फ्यू की अवधि में कोविड टीकाकरण का कार्य निर्बाध रूप से जारी रहे।लोगों को घर से टीकाकरण केंद्र जाने और वापस आने की छूट है। टीकाकरण के लिए आवागमन में नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। औद्योगिक इकाइयां व अन्य आवश्यक सेवाएं सतत संचालित रहें।

 

– प्रदेश के सभी अस्पतालों में अग्निशमन व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर लिया जाए, जिससे अग्नि की घटनाओं में क्षति न होने पाए। यह कार्य पूरे प्रदेश में तत्काल किया जाए।

 

– कंटेनमेंट ज़ोन की व्यवस्था को प्रभावी बनाया जाए। समीप स्थिति एक से अधिक माइक्रो कंटेनमेंट ज़ोन को जोड़कर एक कंटेनमेंट ज़ोन बनाया जाना चाहिए। यह अधिक सुविधाजनक और व्यवहारिक होगा।

 

– ऐसे दौर में जबकि पूरा देश कोरोना महामारी के खिलाफ एकजुट होकर लड़ रहा है, ऐसे आपदाकाल में भी कुछ अराजक तत्व दवाओं की कालाबाजारी, अफवाह फैलाने अथवा माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं।सोशल मीडिया पर भी ऐसे दुष्प्रचार हो रहे हैं। ऐसे लोगों के विरुद्ध गैंगस्टर एवं एनएसए के तहत कठोरतम कार्रवाई की जाए। इनकी सम्पत्ति जब्त की जाए।

 

– एम्बुलेंस सेवाओं में सुधार हुआ है, किन्तु इसे और भी कम रिस्पाॅन्स टाइम में मरीजों तक पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे वे हाॅस्पिटल सुगमता से बिना विलम्ब के पहुंच सकें। होम आइसोलेशन में इलाजरत लोगों को पर्याप्त मेडिकल किट उपलब्ध कराया जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में भी इस स्थिति पर नजर रखी जाए। स्वास्थ्य मंत्री के स्तर पर इसकी समीक्षा की जाए।

 

– प्रदेश में गेहूं क्रय की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। इसकी हर दिन मॉनीटरिंग की जाए। सभी गेहूं क्रय केन्द्र संचालित रहें। यदि कोई केन्द्र कोविड संक्रमण कर्मी से प्रभावित होता है, तो तुरन्त वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। वे केन्द्र संचालित रहें। किसानों को अपनी उपज मनचाहे केन्द्र पर बेचने की पूरी स्वतंत्रता है। किसी भी प्रकार की कोई रोक नहीं है। क्रय केन्द्रों पर किसानों की जरूरतों का पूरा ध्यान रखा जाए।