October 30, 2026

अमरोहा के थाना आदमपुर में पुलिस की फर्जी स्क्रिप्ट के खुलासे ने अमरोहा पुलिस को ही सवालों के कटघरे में खड़ा कर दिया- अजय मिश्रा

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अमरोहा के थाना आदमपुर में पुलिस की फर्जी स्क्रिप्ट के खुलासे ने अमरोहा पुलिस को ही सवालों के कटघरे में खड़ा कर दिया है. प्रेमी संग फरार हुई युवती की हत्या और ऑनर कलिंग के आरोप में पिता, भाई और रिश्तेदार को पुलिस ने फर्जी कपड़े और फर्जी तमंचा लगाकर जेल भेज दिया था. 15 महीने जेल में बंद रहे पिता, बेटे और रिश्तेदार को जेल से छुड़ाने के लिए आशियाना तक बिक गया. लेकिन, कहते हैं ऊपर वाले के यहां देर है लेकिन अंधेर नहीं. ये कहावत अमरोहा पुलिस पर सटीक बैठ रही है. पिछले 2 साल से अदालत के चक्कर काट रहे परिवार को थोड़ी राहत जरूर मिली है. न्यायालय के आदेश पर आरोपी इंस्पेक्टर सहित 11 पुलिसकर्मियों पर मुकदमा दर्ज होने के बाद परिवार वालों को इंसाफ की आस जगी है.

 

 

पुलिस पर लगे गंभीर आरोप

पूरा मामला अमरोहा के थाना आदमपुर के गांव मलकपुर के रहने वाले किसान की बेटी कमलेश अचानक 6 फरवरी 2019 को घर से गायब हो गई थी. उसके मर्डर में उसके पिता सुरेश और भाई रूपकिशोर और पड़ोस के रहने वाले देवेंद्र सहित तीन लोगों को आरोपी बनाकर पुलिस अधीक्षक ने मामले का खुलासा करते हुए उनकी निशानदेही पर कपड़ा, एक तमंचा और कारतूस बरामद करते हुए जेल भेज दिया था. पीड़ित का कहना है कि आदमपुर पुलिस ने थर्ड डिग्री देकर हमारे साथ मारपीट कर जबरन गुनाह कबूल करवाया था.

 

 

 

 

 

इंसाफ की आस –

 

हैरानी की बात ये है कि जिस युवती की हत्या के आरोप में पिता, पुत्र और रिश्तेदार को जेल भेजा गया था वो अभी तक जिंदा है और एक बच्चे की मां है. युवती राकेश नाम के युवक के साथ प्रेम विवाह के बंधन में बंध गई और दिल्ली चली गई थी. जब कोरोना काल में लॉकडाउन लगा तो युवती हसनपुर तहसील के पोरारा गांव में आकर रहने लगी, जिसकी भनक झूठे आरोप में जेल काट रहे हैं पीड़ितों को लगी तो परिजनों ने इसकी सूचना पुलिस को दी. लेकिन, जब तक सच सामने आया उनका सबकुछ बर्बाद हो चुका था. लेकिन एक बार फिर, परिवार वालों को इंसाफ की आस जगी है और न्यायालय के आदेश पर झूठी स्क्रिप्ट तैयार करने वाले थाना प्रभारी अशोक शर्मा सहित 11 पुलिसकर्मियों पर उसी थाने में मुकदमा दर्ज हुआ है. जांच भी उसी आदमपुर थाने के इंचार्ज को दी गई है.