भाजपा ओबीसी मोर्चा के प्रदेश महामंत्री सुनील साहू ने विपक्षियों को डी चुनौती और कहा कि अगर विकास विरोधी नहीं है तो उद्योगपतियों के नाम से जनता को गुमराह करना बन्द करे.
भूमि अधिग्रहण कानून के सिर्फ धारा १०(क) को आंशिक सरलीकरण किया गया है ! वह भी इसलिए कि जनहित में विकास कार्य को गति मिल सके और पूर्व में जो हजारों लाखों लोगों के साथ धोखाधड़ी हुआ है वह आगे ना हो सके !
झारखण्ड में अब सरकारी योजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण छह माह में हो पायेगा और इससे ना केवल सरकारी योजनाओं को लागू करने में तेजी आयेगी , बल्कि भूमि मालिकों को भी मुआवजे के लिए इंतजार नहीं करना होगा !
इतना ही नहीं भूमि मालिकों को भूमि के एवज में चार गुणा मुआवजे का भुगतान आठ माह में ही हो सकेगा !
भूमि का अधिग्रहण किसी भी उद्योग के लिए नहीं बल्कि विद्यालय , महाविद्यालय , विश्वविद्यालय , अस्पताल , पंचायत भवन , आँगनबाड़ी केन्द्र , रेल , सड़क , जलमार्ग , विद्युतिकरण , सिंचाई , आर्थिक रुप से कमजोर लोगों के लिए आवास , जलापूर्ति पाइप लाइन , ट्रांसमिशन व सरकारी भवनों के निर्माण के लिए किया जायेगा !
कुछ लोग कहते हैं कि पहले ये सब नहीं होता था ? होता था , परन्तु धीमी गति से और वह भी बेजगह जैसे – गाँव में सरकारी जमीन नहीं होने के कारण आँगनबाड़ी केन्द्र गाँव में नहीं बनाकर पाँच किलोमीटर दूर बनाना मजबूरी रही ! अब उचित विकास कार्य उचित स्थान पर होंगे !

More Stories
रविवार शाम झारखंड में जमशेदपुर के शास्त्रीनगर में दो समुदायों के बीच हुई नारेबाज़ी और पथराव के बाद हालात तनावपूर्ण- कौशिक वगाड़िया
झारखंड के चतरा में पुलिस मुठभेड़ में पांच नक्सली ढेर-
झारखंड में दरिंदगी की सारी हदें पार, महिला को निर्वस्त्र कर पूरे गांव में घुमाया, जूते चप्पलों से पीटा-