December 15, 2025

स्कूलों में विवाहित पुत्री अनुकंपा नियुक्ति पाने की हकदार नहीः इलाहाबाद हाई कोर्ट- अजय मिश्रा

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*Leagal Update…*

 

 

*स्कूलों में विवाहित पुत्री अनुकंपा नियुक्ति पाने की हकदार नहीः इलाहाबाद हाई कोर्ट*

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⚫विवाहित पुत्रियों अब अनुकंपा नियुक्ति पाने की हकदार नही होगी। इलाहाबाद हाई कोर्ट की खंडपीठ ने सिंगल न्यायपीठ के उस निर्णय को पलट दिया है। जिसमें विद्यालयों में विवाहित पुत्री को परिवार का सदस्य मानते हुए अनुकंपा नियुक्ति पाने का हकदार माना गया था।

 

🔵खंडपीठ ने कहा है कि विवाहिता पुत्री मृतक आश्रित कोटे में नियुक्ति पाने की हकदार नही है। राज्य सरकार ने एकल न्यायपीठ के निर्णय के विरूद्ध विशेष अपील दाखिल की थी।

 

🟢अपील पर *कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एमएन भंडारी और जस्टिस विवेक अग्रवाल की पीठ ने सुनवाई करते हुए याचिकाकर्ता* माधवी मिश्रा ने विवाहिता पुत्री के तौर पर विमला श्रीवास्तव केस के आधार पर मृतक आश्रित कोटे में नियुक्ति की मांग की। याची के पिता इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य पद पर कार्यरत थे। सेवाकाल में उनकी मृत्यु हो गई।

 

*सिंगल बेंच ने याचिकाकर्ता को अनुकंपा नियुक्ति पर विचार करने का निर्देश दिया।*

 

🔴इसका विरोध करते हुए राज्य सरकार अपर मुख्य स्थायी वकील सुभाष राठी का कहना था कि *मृतक आश्रित विनियमावली 1995, साधारण खंड अधिनियम 1904 इंटरमीडिएट शिक्षा अधिनियम और 30 जुलाई 1992 के शासनादेश के तहत विधवा, पुत्र, अविवाहित या विधवा पुत्री को* आश्रित कोटे में नियुक्ति पाने का हकदार माना गया है।

 

⭕1974 कि मृतक आश्रित सेवा नियमावली सरकारी सेवकों के लिए है, यह शिक्षण संस्थाओं की नियुक्ति पर लागू नही होती।

 

🟡सिंगल बेंच ने गलत तरीके से इसके आधार पर नियुक्ति का आदेश दिया है। वैसे भी सामान्य श्रेणी के पद रिक्त नही है। मृतक की विधवा पेंशन आ रही है। जिला विद्यालय निरीक्षक शाहजंहापुर ने नियुक्ति से मना कर गलती नही की है। याचिकाकर्ता एडवोकेट का कहना था कि सरकार ने कल्याणकारी नीति अपनाई है। विमला श्रीवास्तव केस में कोर्ट ने पुत्र पुत्री में विवाहित होने के आधार पर भेद करने को असंवैधानिक करार दिया है। और नियमावली के अविवाहित शब्द को रद्द कर दिया है।

 

🟤कोर्ट ने कहा कि आश्रित को नियुक्ति का नियम जीविकोपार्जन करने वाले कि अचनाक मौत से उत्पन्न आर्थिक संकट में मदद के लिए है। मान्यता प्राप्त एडेड कॉलेजों के आश्रित कोटे में नियुक्ति की अलग नियमावली है तो सरकारी सेवकों की 1994 की नियमावली इसमें लागू नही होगी।