करोड़ों रुपये लेकर मुलजिमों के नाम निकालने की शिकायत
अमिताभ ठाकुर तथा डॉ नूतन ठाकुर ने सोनभद्र जिले के चार मुकदमों के अनौचित्यपूर्ण ढंग से चंदौली ट्रान्सफर कर तमाम मुलजिमों के नाम निकाले जाने के आरोप की जाँच की मांग की है.
सीएम योगी आदित्यनाथ सहित अन्य सीनियर अफसरों को प्रेषित शिकायत में अमिताभ और नूतन ने कहा कि उन्हें व्हाट्सएप से जनपद सोनभद्र के चार थानों, थाना पिपरी, हाथीनाला, अनपरा तथा चोपन में अरबों रुपये की जीएसटी चोरी के संबंध में एफआईआर दर्ज होने तथा इन मुकदमों में मुलजिमों के गलत ढंग से नाम निकाले जाने की शिकायत मिली. मामला लगभग 400 ट्रक के फर्जी रूप से कोयला बिक्री किये जाने तथा इस प्रक्रिया में अरबों रुपये के जीएसटी की चोरी किये जाने का प्रकरण है, जिसमे पुलिसवालों द्वारा 4 थानों में 21 जनवरी 2022 को पुलिसवालों द्वारा एफआईआर दर्ज कराया गया था. आरोप है कि हाई लेवल पहुँच के कारण सोनभद्र से चंदौली ट्रान्सफर किया गया जहाँ वरिष्ठ अफसरों ने भारी पैसा लेकर 24 मुल्जिमो के नाम निकाल दिए. मात्र ड्राईवर, खलासी आदि को ही मुलजिम बना कर मामले को पूरी तरह रफादफा कर दिया गया और सभी बड़े और असली मुलजिमों को छोड़ दिया गया. इन लोगों के खिलाफ भी मात्र 219, 420 IPC में आरोपपत्र प्रेषित किया गया है.
शिकायत में तमाम बड़े अफसरों पर इस काम के लिए 2-2 करोड़ रुपये तक लेने की शिकायत है.
अमिताभ और नूतन ने इन आरोपों की उच्चस्तरीय जाँच करते हुए समुचित कार्यवाही करने की मांग की है.
संलग्न- शिकायती पत्र तथा व्हाट्सएप पर प्राप्त पत्र
Dr Nutan Thakur
# 9415534525
सेवा में,
मुख्यमंत्री,
उत्तर प्रदेश,
लखनऊ
विषय- सोनभद्र जिले के चार मुकदमों को अनौचित्यपूर्ण ढंग से चंदौली ट्रान्सफर कर तमाम मुलजिमों के नाम निकाले जाने के आरोप विषयक
महोदय,
कृपया अनुरोध है कि हमें व्हाट्सएप से एक अदिनांकित प्रार्थनापत्र प्रतिलिपि संलग्न) प्राप्त हुआ जिसमे मुख्य रूप से यह अंकित है कि जनपद सोनभद्र में विभिन्न थाना क्षेत्रों में धारा 379, 411, 414, 419, 420, 467, 468, 471 IPC में एफआईआर संख्या 08/2022 थाना पिपरी, एफआईआर संख्या 04/2022 थाना हथियानी, एफआईआर संख्या 15/2022 थाना अनपरा तथा एफआईआर संख्या 26/2022 थाना चोपन दर्ज हुआ.
उक्त प्रार्थनापत्र के अनुसार इन सभी एफआईआर का संबंध अरबों रुपये की जीएसटी चोरी से है, जिसमे लगभग 400 ट्रक के फर्जी रूप से कोयला बिक्री किये जाने तथा इस प्रक्रिया में अरबों रुपये के जीएसटी की चोरी किये जाने का प्रकरण है. प्रार्थनापत्र के अनुसार इन चारों मुकदमों को हाई लेवल पहुँच के कारण सोनभद्र से चंदौली ट्रान्सफर किया गया जहाँ वरिष्ठ अफसरों ने भारी पैसा लेकर 24 मुल्जिमो के नाम निकाल दिए. प्रार्थनापत्र के अनुसार इस मामले में मात्र ड्राईवर, खलासी आदि को ही मुलजिम बना कर मामले को पूरी तरह रफादफा कर दिया गया और सभी बड़े और असली मुलजिमों को छोड़ दिया गया. यह भी बताया गया है कि इन लोगों के खिलाफ भी मात्र 219, 420 IPC में आरोपपत्र प्रेषित किया गया है. प्रार्थनापत्र में इस कार्य के लिए संबंधित अफसरों द्वारा अलग-अलग धनराशी लिए जाने का भी उल्लेख है.
हमने सीसीटीएनएस से ज्ञात किया तो पाया कि वास्तव में इन्ही अपराध संख्या पर दिनांक 21/01/2022 को पुलिस वालों की और से ये मुकदमे इन्ही थानों में इन्ही धाराओं के साथ तथा धारा 2, 3, 4 सार्वजनिक संपत्ति नुक्सान निवारण अधिनियम 1984 में कोयला बिक्री की प्रक्रिया में फर्जी अभिलेख बना कर कार्य करने से संबंधित दर्ज हुए. सिर्फ थाना हाथीनाला का नाम गलती से हथियानी दर्ज है. अतः इतना स्पष्ट है कि वास्तव में ऐसे मुकदमे सरकार द्वारा दर्ज कराये गए. इनमें दो व्यक्ति, श्री धनंजय सिंह तथा श्री नारायण दस अग्रवाल, का हर मुकदमे में नाम है, जबकि शेष मुकदमों में ड्राईवर के साथ ट्रक मालिकों का भी नाम या उल्लेख है. यह भी साफ़ है कि इस प्रकार के कार्य कोई ट्रक ड्राईवर बिना अपने मालिक के अनुमति के नहीं करेगा और ट्रक ड्राईवर ऐसे अपराधों को कारित करने का मात्र एक यंत्र होता है.
इसके अतिरिक्त शेष तथ्य हमारे द्वारा सत्यापित नहीं हैं किन्तु ये तथ्य आसानी से सत्यापित कराये जा सकते हैं कि ये मुकदमे चंदौली ट्रान्सफर हुए या नहीं, यदि ये मुकदमे चंदौली ट्रान्सफर हुए तो किसके कहने या अनुरोध से ट्रान्सफर हुए- अभियुक्त के कहने से या वादी के कहने से और स्वयं सरकार (पुलिस) द्वारा दर्ज कराये गए मुकदमे क्यों, किन कारणों से तथा किनके अनुरोध पर किनके द्वारा ट्रान्सफर किये गए, वास्तव में इन मुकदमों में धाराएँ कम की गयी या नहीं और वास्तव में कई सारे अभियुक्तों के नाम निकाले गए या नहीं. ये समस्त तथ्य जाँच का विषय हैं जिनके संबंध में उच्चस्तरीय जाँच एवं सत्यापन अवश्य किया जाना चाहिए.
इस सत्यापन और जाँच के पश्चात् यदि यह पाया जाता है कि औचित्यहीन ढंग से मुलजिमों के कहने से पुलिस द्वारा दर्ज कराये गए मुकदमे ट्रान्सफर हुए और अनुचित ढंग से अभियुक्तों के नाम निकाले गए तो इस प्रार्थनापत्र के अन्य तमाम आरोप काफी हद तक स्वतः ही प्रमाणित हो जायेंगे.
अतः अनुरोध है कि अविलम्ब इस मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जाँच कराते हुए जाँच आख्या के क्रम में नियमानुसार कार्यवाही करने की कृपा करें.
भवदीय,
पत्र संख्या- AT/Complaint/62/2022
दिनांक- 04/08/2022
(डॉ नूतन ठाकुर) (अमिताभ ठाकुर)
5/426, विराम खंड,
गोमतीनगर, लखनऊ
# 094155-34525
प्रतिलिपि- मुख्य सचिव, एसीएस होम, डीजीपी, यूपी को कृपया आवश्यक कार्यवाही हेतु
प्रतिलिपि- एडीजी वाराणसी को कृपया आवश्यक कार्यवाही हेतु





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