April 23, 2026

VARANASI UP POLICE : SC/ST वर्ग के पीड़ित दिव्यांग को देना पड़ रहा जाति का सबूत, पुलिस अपना रही ढुलमुल रवैया

Spread the love

वाराणसी : सुप्रीम कोर्ट के आदेश के विपरीत जाते हुए मोदी सरकार ने एससी/एसटी एक्ट को लेकर विधेयक पारित किया। बावजूद इसके पीएम के ही संसदीय क्षेत्र में एक एससी/एसटी वर्ग के दिव्यांग युवक की खुलेआम पिटाई होती है। जिसका वीडियो बनता है और वह वायरल होता है। इस वायरल वीडियो के आधार पर पीड़ित दिव्यांग के पिता द्वारा दिए तहरीर के आधार पर मुकदमा भी पंजीकृत होता है, लेकिन ताजुब्ब की बात यह है कि मुकदमे में हरिजन एक्ट नहीं लगाया जाता और न ही इतने दिन बीत जाने के बाद भी मामले में किसी आरोपी की गिरफ्तारी होती है।

इस घटना को लेकर जब वायरल वीडियो नेशनल कवरेज के हाथ लगा, तो हमारी टीम पीड़ित का पता लगाते हुए मामले की सच्चाई जानी. जिसके बाद पता चला कि मामले में पीड़ित दिव्यांग सुधांशु सिंह वाराणसी के मंडलीय अस्पताल में आयुष्मान योजना अंतर्गत अपने कार्ड का नवीनीकरण कराने पहुंचा था, जहां किसी बात को लेकर आयुष्मान मित्र दिव्यांग पर टूट पड़े और उसकी जमकर पिटाई कर दी।

घटना के वक्त अस्पताल में मौजूद पुलिसकर्मी मूकदर्शक बनकर दिव्यांग को पीटता देखते रहे. इस पूरे घटना को लेकर के पीड़ित परिवार ने कोतवाली थाने में आयुष्मान मित्रों के खिलाफ जाति प्रमाण पत्र के साथ तहरीर दी। बावजूद मुकदमा नहीं लिखा गया, लेकिन जब मामले को नेशनल कवरेज ने गंभीरता से उठाया तो पुलिस ने दूसरे दिन एफआईआर दर्ज की।

एफआईआर दर्ज होने के तीन दिन बाद जब नेशनल कवरेज ने आरोपियों पर कार्रवाई को लेकर के कोतवाली थाना प्रभारी डॉ आशुतोष तिवारी से बात किया, तो चौकाने वाली बात सामने आई। पुलिस ने सामान्य धारा में मुकदमा तो पंजीकृत किया, लेकिन हरिजन एक्ट पर जांच करने की बात कही और कार्रवाई के नाम पर चुप्पी साध लिया.

इस घटना को लेकर के वाराणसी पुलिस ने मोदी सरकार के उस कदम पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया, जिस कदम को आगे बढ़ाने के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ भी सरकार को जाना पड़ा। यानि पीएम मोदी के शहर में ही एक एससी/एसटी वर्ग के दिव्यांग को अपनी रिपोर्ट लिखाने के लिए अपनी जाति का प्रमाण देना पड़ रहा है। जबकि पीड़ित के परिजनों के अनुसार पुलिस के पास सारे सबूत पहले से ही मौजूद हैं। अब ऐसे में पीड़ित को न्याय मिलेगा या नहीं, यह एक प्रश्न चिन्ह खड़ा हो गया है।