BJP को लगा बड़ा झटका, डिप्टी CM केशव प्रसाद मौर्य सिराथू से चुनाव हारे
शांबी. यूपी विधानसभा चुनाव में भाजपा को बड़ा झटका लगा है. कौशांबी की सिराथू विधानसभा सीट की मतगणना (UP Election Result) पूरी हो गयी है. इस सीट पर यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Prasad Maurya) को हार का सामना करना पड़ा है. सपा की पल्लवी पटेल ने इस सीट पर 7337 वोट से जीत दर्ज की है. पल्लवी पटेल को 105559 वोट मिले है. जबकि बीजेपी के केशव प्रसाद मौर्य (98727) को हार मिली है.
सिराथू विधानसभा सीट पर कई बार केशव की बढ़त ने भाजपा के चेहरे खिला दिए, लेकिन वह आखिर में 7337 वोट से हार गए. सिराथू में बसपा के मुनसाब अली 10034 वोटों के साथ तीसरे नंबर पर रहे हैं. वहीं, सपा के हाथों मिली हार के बाद केशव मौर्य ने ट्वीट किया है. उन्होंने लिखा, ‘सिराथू विधानसभा क्षेत्र की जनता के फैसले को विनम्रतापूर्वक स्वीकार करता हूं. एक एक कार्यकर्ता के परिश्रम के लिए आभारी हूं. जिन मतदाताओं ने वोट रूपी आशीर्वाद दिया उनके प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करता हूं.
सिराथू की वीआईपी सीट पर भाजपा और सपा ने अपना पूरा दम लगाया था. यही नहीं, पल्लवी पटेल की छोटी बहन और अपना दल(एस) की अनुप्रिया पटेल भी केशव मौर्य के लिए जमकर प्रचार किया था. बता दें कि केशव मौर्य सिराथू के ही रहने वाले हैं. जबकि पल्लवी इस क्षेत्र की बहू हैं.
2004 में लड़ा था पहला चुनाव
बता दें, उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने 2017 में विधानसभा चुनाव नहीं लड़ा था. लेकिन, इस बार वह कौशांबी जिले की सिराथू सीट से (Sirathu Kaushambi) चुनावी मैदान में थे. राजनीति में आने के बाद केशव ने पहला चुनाव 2004 में बाहुबली अतीक अहमद के प्रभाव वाली सीट इलाहाबाद पश्चिम से लड़ा. हालांकि साल 2004 और 2007 में उन्हें हार का सामना करना पड़ा. इसके बाद केशव ने 2012 के चुनाव में कौशांबी की सिराथू सीट से किस्मत आजमाई और उन्होंने इस सीट पर पहली बार कमल भी खिलाया. 2014 में लोकसभा का चुनाव लड़ा और फूलपुर से सांसद भी बने. उसके बाद प्रदेश में पार्टी अध्यक्ष के तौर पर काम किया. केशव मौर्य की कुशल संगठनात्मक क्षमता ही थी कि प्रदेश अध्यक्ष रहते हुए सारी पिछड़ों जातियों को भाजपा की तरफ लामबंद किया और 2017 विधानसभा चुनाव में भाजपा को प्रदेश में बंपर जीत हासिल हुई थी.
प्रदेश में सड़कों का जाल बिछाने का काम किया
भाजपा की जीत के बाद केशव मौर्य के मुख्यमंत्री बनने की चर्चा भी काफी जोरों पर रही. मगर बाद में योगी सरकार में केशव मौर्य उप मुख्यमंत्री और पीडब्लयूडी मंत्री बने. पूरे प्रदेश में सड़कों का जाल बिछाने का काम इसी विभाग के पास था. सड़कें गड्ढामुक्त हो पाईं इसके जवाब में केशव कहते हैं कि हमने सभी हेडक्वार्टर को चार लेन सड़कों से जोड़ा, तहसीलों तक में डामर वाली और सीमेंट की सड़कें बन गईं जहां पहले गड्ढे ही गड्ढे हुआ करते थे. प्रदेश में एक भी दंगा नहीं हुआ. भाजपा सरकार में कानून व्यवस्था कैसी थी ये बात आप यहां मौजूद किसी भी महिला से पूछ कर देख लीजिए. इसका प्रत्यक्ष प्रमाण तीन चरणों के मतदान में दिख भी चुका है जिसमें आधी आबादी ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया है.





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